
ब्रांडवाणी डेस्क: राजधानी में इन दिनों सीनियर आईपीएस अधिकारी की बेटी की शादी चर्चा का केंद्र बनी हुई है. शादी की भव्यता और शाही चमक ने न केवल रसूखदारों की आँखें चौंधिया दी, बल्कि प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट भी पैदा कर दी.
अधिकारी पर इनडायरेक्ट वसूली के आरोप
इन शाही आयोजन की पूरी बागडोर किसी इवेंट मैनेजर के बजाय अधिकारी के भरोसेमंद ‘खास ड्राइवर’ के हाथ में थी। यही वह व्यक्ति है, जो दिन-रात अधिकारी की परछाईं बनकर हर जगह उनके साथ रहता है. ऑफिस हो, जिम हो या व्यक्तिगत दौरा. माना जा रहा है कि शादी के दौरान सभी विभागीय जूनियर अफसर, वेंडर और कर्मचारी ‘योगदान’ के नाम पर सीधे तौर पर आर्थिक सहयोग या वसूली में शामिल रहे.
शाही शादी ने उठाए प्रशासनिक सवाल
इन भव्य शादी ने राजधानी में अफसरशाही में यह सवाल पैदा कर दिया है कि रसूख और खाकी की आड़ में किस हद तक शक्ति और पैसे का खेल खेला जा रहा है. शादी की चमक-दमक के पीछे यह मामला प्रशासन के लिए चेतावनी बनकर उभर रहा है कि शाही आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि रसूख का प्रदर्शन भी बन सकता है.
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