
यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई, महंगे आवास, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस, इटली, बेल्जियम, पुर्तगाल और अल्बानिया में हुए प्रदर्शनों के दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। इस बीच भारत ने इटली में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने लोगों से सावधानी बरतने और प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
इटली में भारतीय नागरिकों को क्या सलाह दी गई?
इटली स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से भीड़भाड़ वाली जगहों और उन इलाकों से बचने को कहा है, जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों को स्थानीय समाचारों पर नजर रखने और बदलते हालात की जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।
आपात स्थिति में भारतीय नागरिक रोम स्थित भारतीय दूतावास के +39 331 614 2085 और मिलान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के +39 3881647527 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
मिलान में प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़
इटली के कई शहरों में हालिया प्रदर्शनों के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हुई। मिलान में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ जगहों पर दुकानों के शीशे तोड़े गए, कचरे के डिब्बों में आग लगाई गई और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आईं। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा की है। उनकी सरकार ने अशांति के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का फैसला किया है।
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फ्रांस और अल्बानिया में भी बिगड़े हालात
इटली के अलावा फ्रांस में भी जीवन-यापन की बढ़ती लागत, सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़े प्रदर्शन हुए हैं। कुछ शहरों में प्रदर्शन हिंसक होने के बाद तोड़फोड़, आगजनी और गिरफ्तारियों की खबरें सामने आईं। कई देशों ने अपने नागरिकों को फ्रांस में प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
अल्बानिया की राजधानी तिराना में भी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान तनाव की स्थिति बनी। वहां इटली के दूतावास ने अपने नागरिकों को विशेष रूप से स्कंदरबेग स्क्वायर और बुलेवार्ड देशमोरेट ई कॉम्बित जैसे प्रदर्शन प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी थी।
संयुक्त राष्ट्र ने भी जताई चिंता
यूरोप के कई हिस्सों में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई है। मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टुर्क ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा करने और तनाव कम करने की अपील की है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित अनावश्यक या अत्यधिक बल प्रयोग की खबरों पर भी चिंता जताई।
हालांकि, यह भी जरूरी है कि सभी प्रदर्शनों को हिंसक न माना जाए। कई जगह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, जबकि कुछ स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।
भारतीय यात्रियों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
इटली में मौजूद भारतीय नागरिकों को प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। यात्रा से पहले और यात्रा के दौरान भारतीय दूतावास की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखना भी जरूरी है।
गौरतलब है कि मौजूदा भारतीय एडवाइजरी इटली में भारतीय नागरिकों के लिए जारी की गई है। इसे पूरे यूरोप के लिए एक समान यात्रा चेतावनी नहीं माना जाना चाहिए। फ्रांस, अल्बानिया या किसी अन्य यूरोपीय देश में जाने वाले भारतीयों को संबंधित भारतीय दूतावास की ताजा सलाह जरूर देखनी चाहिए।
यूरोप के कई हिस्सों में बढ़ती महंगाई, आवास, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। कुछ जगहों पर हिंसा बढ़ने के बाद सुरक्षा चिंता भी सामने आई है। ऐसे में इटली में मौजूद भारतीय नागरिकों को भारतीय दूतावास की सलाह का पालन करते हुए प्रदर्शन और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है।
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