
करैरा/ कुलदीप शर्मा: करैरा तहसील में सामने आए कथित फर्जी ई टोकन मामले की जांच अब तेज हो गई है। मंगलवार को राजस्व विभाग की संयुक्त जांच टीम आरोपित बाबू धर्मवीर लोधी के पैतृक गांव वीरा, तहसील पिछोर पहुंची। टीम ने मामले से जुड़े किसानों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर दस्तावेजों और अन्य तथ्यों का सत्यापन शुरू किया।
वीरा गांव के किसानों के नाम पर जारी हुए थे कथित फर्जी ई टोकन
जानकारी के अनुसार, फर्जी ई-टोकन मामले में जिन किसानों के नाम सामने आए हैं, वे सभी ग्राम वीरा के निवासी बताए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जांच टीम गांव पहुंची और संबंधित किसानों से जानकारी जुटाई।
टीम ने किसानों से ई-टोकन से जुड़े दस्तावेजों और पूरे मामले की जानकारी ली। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर भी मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई।
जांच टीम को देखकर आरोपित समेत कई लोग गायब
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सूत्रों के अनुसार, जैसे ही जांच दल के गांव पहुंचने की जानकारी मिली, आरोपित धर्मवीर लोधी समेत कई युवक मौके से गायब हो गए। इसके बाद टीम ने गांव में मौजूद लोगों से पूछताछ की और मामले से जुड़े आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में दर्ज है मामला
उल्लेखनीय है कि कथित फर्जी ई-टोकन प्रकरण में धर्मवीर लोधी के खिलाफ पहले ही धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है। अब संयुक्त जांच टीम इस पूरे मामले में संभावित नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांच टीम किसानों के नाम पर जारी किए गए ई-टोकन, संबंधित दस्तावेजों और पूरे प्रकरण में आरोपित की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद प्रशासन द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
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