
प्रदेश के एक पूर्व मुख्य सचिव को लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत मिलने वाली है। साहब पर आरोप था कि एक निगम में एमडी रहते हुए उन्होंने कुछ निजी कंपनियों को कथित तौर पर गलत तरीके से फायदा पहुंचाया। इसी मामले की जांच पिछले करीब 16 साल से चल रही थी और इसी जांच के चलते साहब की पेंशन भी अटकी हुई थी। लंबे समय से पेंशन शुरू होने का इंतजार कर रहे साहब के लिए अब राहत की खबर है। बताया जा रहा है कि पांचवें पन्ने से मिली मदद के बाद सरकार ने इस मामले में राहत देने की तैयारी में है। इसका फायदा साहब को रुकी हुई पेंशन शुरू होने का रास्ता साफ होने के रूप में मिल सकता है।
लेकिन इस पूरे मामले में एक सवाल अभी भी बना हुआ है कि आखिर साहब की रुकी हुई पेंशन शुरू होने का रास्ता साफ कैसे हुआ? क्योंकि यह जांच करीब 16 साल से चल रही थी और अब अचानक साहब के लिए राहत का रास्ता कैसे खुल गया, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि इतनी लंबी अवधि तक चली जांच के बावजूद मामले में अब राहत की स्थिति बन रही है। पेंशन रुकने से लेकर जांच पूरी होने तक का पूरा घटनाक्रम भी चर्चा में है और इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतने लंबे समय तक चली जांच का आखिर निष्कर्ष क्या निकला।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि साहब की करीब 16 साल से अटकी पेंशन अब चलने की राह पर है और पूर्व मुख्य सचिव साहब को आखिरकार बड़ी राहत मिलने वाली है। मामले में सरकार की ओर से राहत देने की तैयारी के बाद साहब की पेंशन शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि इतने लंबे समय तक जांच चलने और अब पेंशन शुरू होने की स्थिति बनने को लेकर कई सवाल अभी भी चर्चा में हैं। इसी वजह से यह मामला प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है।
- former-chief-secretary-pension-to-start-after-16-years






