
उमरिया| जिले के बिरसिंहपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम गिठौरी में जमीन को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है। आदिवासी ग्रामीणों ने बजरंग पावर कंपनी पर उनकी पुश्तैनी जमीन पर लगे पेड़ों की कथित तौर पर बिना सहमति कटाई कराने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन को लेकर विवाद पहले से न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद पेड़ कटाई की कार्रवाई से उनकी चिंता बढ़ गई है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
पुश्तैनी जमीन पर अधिकार का दावा
ग्रामीणों के अनुसार, आरजी खसरा नंबर 42 की जमीन उनके पूर्वजों की है। परिवार लंबे समय से इस भूमि पर खेती करता आ रहा है और जमीन पर कई पेड़ भी मौजूद हैं। ग्रामीणों का दावा है कि भूमि विवाद को लेकर पाली न्यायालय में सिविल वाद क्रमांक 32A/2025 भी प्रस्तुत किया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विवाद की जानकारी होने के बावजूद कंपनी से जुड़े कर्मचारी उनकी सहमति के बिना पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया और पेड़ काटने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शिकायत में कथित तौर पर धमकाने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आदिवासी परिवारों ने की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवार हैं और उनके पास खेती के लिए दूसरी जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जमीन पर लगे पेड़ उनके लिए पर्यावरण के साथ-साथ आजीविका और पारिवारिक अधिकार से भी जुड़े हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि विवादित भूमि पर पेड़ कटाई तत्काल रोकी जाए और पूरे मामले की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति या कर्मचारी ने नियमों का उल्लंघन किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस संबंध में वन विभाग को भी शिकायत दी गई है।
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पुलिस ने शिकायत जांच के लिए चौकी भेजी
मामले को लेकर पाली थाना प्रभारी गोविंद सिंह धुर्वे ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि आवेदन को जांच के लिए घुनघुटी चौकी भेजा गया है। थाना प्रभारी के अनुसार, पेड़ कटाई को लेकर ग्रामीणों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस जांच के स्तर पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। यह भी सामने आना बाकी है कि संबंधित जमीन और पेड़ कटाई को लेकर कंपनी के पास कौन-कौन से दस्तावेज या अनुमति मौजूद हैं।
पथौरा कोल ब्लॉक से जुड़ा है मामला
गिठौरी का विवाद पथौरा कोल ब्लॉक से जुड़ी गतिविधियों के बीच सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पथौरा कोल ब्लॉक का उत्खनन कार्य मेसर्स बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड को मिला है। परियोजना में भूमिगत और ओपनकास्ट खनन से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद कंपनी का पक्ष जानने के लिए बजरंग पावर के जीएम शशिधर द्विवेदी से संपर्क किया गया। उन्होंने फिलहाल विस्तृत जानकारी देने के बजाय बाद में बात करने की बात कही। उनका विस्तृत पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
प्रशासन की जांच से साफ होगी स्थिति
मामले में अब प्रशासन और संबंधित विभागों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। ग्रामीण जमीन पर अपने अधिकार का दावा कर रहे हैं, जबकि भूमि विवाद न्यायालय में लंबित होने की बात कही गई है। ऐसे में पेड़ कटाई की वैधता, संबंधित अनुमति और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच जरूरी है।
यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि कंपनी के पास वैध अनुमति है तो संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए। फिलहाल गिठौरी के ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई और अपनी शिकायत पर ठोस जवाब का इंतजार कर रहे हैं।








