
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में कांग्रेस नेताओं ने महिला आरक्षण को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेत्री रश्मि पवार और जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है और महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ राजनीति की जा रही है।
नेताओं का आरोप
नेताओं ने आरोप लगाया कि संसद में हाल ही में महिला आरक्षण बिल को जिस तरह पेश और लागू करने की बात कही गई, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने के बजाय इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़ दिया, जिससे महिलाओं को अधिकार मिलने में देरी होगी।
रश्मि पवार के आरोप
रश्मि पवार ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध होती, तो आरक्षण को 2024 या 2029 से लागू करने का स्पष्ट रोडमैप देती। लेकिन वर्तमान स्थिति में महिलाओं को केवल वादों और नारों में उलझाकर रखा गया है।
महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। उनका कहना है कि 2023 में इस संबंध में कानून पारित हो चुका है, इसलिए अब इसे लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संसद की सभी 545 सीटों पर महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए और इसे परिसीमन प्रक्रिया से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी दोहराया कि पार्टी हमेशा से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के पक्ष में रही है। नेताओं ने कहा कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और राजनीतिक अधिकार देना कांग्रेस की प्राथमिकता है और इसके लिए पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी।
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