
ग्वालियर/ शाहनवाज़ खान: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का ग्वालियर से विशेष लगाव किसी से छिपा नहीं है। राजनीतिक षड़यंत्रों और अवसरवादी ताकतों के बावजूद, ग्वालियर की जनता के प्रति उनका समर्पण अडिग है। सिंधिया राजघराने की धड़कन आज भी ग्वालियर के लिए धड़कती है, और यह समय-समय पर जाहिर होता है।
आज ग्वालियर-चम्बल और मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में सिंधिया का नाम विकास का पर्याय बन चुका है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने उन्हें टेलीकॉम और पूर्वोत्तर विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी है।
ग्वालियर के प्रति अनुराग और समर्पण
ग्वालियर की जीवनधारा तिघरा बांध से लेकर रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक, हर जगह सिंधिया राजवंश की छाप स्पष्ट दिखाई देती है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने पूर्वजों की तरह ग्वालियर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भले ही वे गुना के सांसद हैं, उनका दिल ग्वालियर में ही धड़कता है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने हालिया दौरे में ग्वालियर के विकास कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने एलीवेटेड रोड, ग्रीन कॉरिडोर, और रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का जायजा लिया।
नेताओं की शारीरिक परीक्षा
एलीवेटेड रोड का निरीक्षण करते हुए, सिंधिया ने अपने साथी मंत्रियों की शारीरिक क्षमता का परीक्षण भी लिया। सिंधिया निर्माणाधीन रोड पर तेज गति से दौड़ते नजर आए, जबकि अन्य मंत्री उनके पीछे हांफते हुए दिखाई दिए। अंततः, सिंधिया ने थके हुए मंत्रियों को सुस्ताने का मौका दिया।
ग्रीन कॉरिडोर और प्रशासनिक समीक्षा
सिंधिया ने आगरा-मुरैना ग्रीन कॉरिडोर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्रस्तुति देने के तरीके भी समझाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया। ग्वालियर से आगरा का सफर मात्र 50 मिनट में तय होगा।
ग्वालियर कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक में सिंधिया ने विभिन्न प्रोजेक्ट्स और ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि की समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कांग्रेस के विधायकों और प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मदद का भरोसा दिया।
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