
दिल्ली/वेलिंगटन: भारत और न्यूजीलैंड ने एक व्यापक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह समझौता लगभग 9 महीनों की बातचीत के बाद अंतिम रूप में पहुंचा और इसे वैश्विक व्यापार में सहयोग और स्थिरता बढ़ाने वाला कदम बताया जा रहा है।
समझौते के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान और तेज बनाने पर सहमति बनी है। भारत को न्यूजीलैंड में अपने निर्यात के लिए बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी, जबकि न्यूजीलैंड के उत्पादों को भी भारत में अधिक अवसर मिलेंगे। टैरिफ में कटौती और व्यापार नियमों को सरल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
न्यूजीलैंड के ट्रेड मिनिस्टर टॉड मैक्ले ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह डील व्यापार को स्थिरता और भरोसा प्रदान करेगी।कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया गया है।
भारत ने अपने किसानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरती है, जबकि न्यूजीलैंड अपनी कृषि तकनीक और विशेषज्ञता भारत के साथ साझा करेगा।इस समझौते से कृषि, टेक्नोलॉजी, फिनटेक, मैन्युफैक्चरिंग और MSME सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर निर्यात बढ़ने और निवेश के नए अवसर खुलने की संभावना जताई जा रही है।
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