भारत दौरे पर वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम: NSA अजीत डोभाल से मुलाकात, मोदी से वार्ता में रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली/हनोई: वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव तो लाम अपने पहले भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान भारत और वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने राष्ट्रपति तो लाम से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त बनाने पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम के बहुआयामी और व्यापक रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। राष्ट्रपति तो लाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और आगामी कार्यक्रमों को लेकर उत्सुकता भी जताई।

राष्ट्रपति तो लाम मंगलवार दोपहर नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनका स्वागत केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने किया। यह दौरा कई मायनों में खास है क्योंकि वर्ष 2026 भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इससे पहले, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया पहुंचने पर राष्ट्रपति तो लाम का स्वागत किया और कहा कि यह दौरा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा। राष्ट्रपति ने अपने दौरे की शुरुआत गया से की, जो अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है।

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, 6 मई को राष्ट्रपति तो लाम को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत (Ceremonial Welcome) दिया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी उच्च स्तरीय वार्ता होगी, जिसमें रक्षा, व्यापार, निवेश, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों सहित कई अहम विषयों पर चर्चा होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी तो लाम से मुलाकात करेंगी। इसके अलावा, उनकी यात्रा के दौरान बोधगया और मुंबई का दौरा भी प्रस्तावित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अप्रैल को ही तो लाम को राष्ट्रपति बनने पर बधाई देते हुए कहा था कि उनके नेतृत्व में भारत-वियतनाम संबंध और मजबूत होंगे और दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय विकास एवं समृद्धि के लिए काम करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध रहे हैं, जो समय के साथ और मजबूत हुए हैं। 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को “Comprehensive Strategic Partnership” का दर्जा दिया गया था।

ये भी पढ़े – भारत दौरे पर वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम, रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर रहेगा फोकस

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    Rashel Kachwah Rajput

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