जनगणना में धर्म के कॉलम में ‘जैन’, जाति में दर्ज कराएं वास्तविक जाति: अभय सुराणा

जावरा। आगामी जनगणना को लेकर जैन समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक एवं श्वेतांबर जैन वरिष्ठ महासंघ के अध्यक्ष अभय सुराणा ने समाजजनों से अपनी धार्मिक और सामाजिक पहचान सही रूप में दर्ज कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश में विभिन्न समुदायों की वास्तविक स्थिति और संख्या दर्ज करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

सुराणा ने जैन समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना के दौरान धर्म से संबंधित जानकारी में ‘जैन’ दर्ज कराई जाए। वहीं, जाति से संबंधित जानकारी पूछे जाने पर अपनी वास्तविक जाति का उल्लेख किया जाए। उन्होंने समाजजनों से किसी भी प्रकार के भ्रम से बचने और जनगणना कर्मी को सही एवं स्पष्ट जानकारी देने का आग्रह किया।

परिवार के प्रत्येक सदस्य की जानकारी सही दर्ज कराने की अपील

अभय सुराणा ने कहा कि जनगणना के दौरान परिवार के प्रत्येक सदस्य से संबंधित अलग-अलग जानकारियां दर्ज की जा सकती हैं। ऐसे में परिवार के मुखिया को चाहिए कि वह बच्चों, युवाओं और अन्य सदस्यों से जुड़ी आवश्यक जानकारी पहले से व्यवस्थित रखे, ताकि किसी भी तथ्य की गलत जानकारी दर्ज न हो।

उन्होंने कहा कि एक परिवार की सही जानकारी सामूहिक रूप से समाज के आंकड़ों को स्पष्ट करने में योगदान देती है। इसलिए जनगणना के समय जल्दबाजी या किसी भ्रम की स्थिति में जानकारी दर्ज कराने के बजाय संबंधित व्यक्ति अपनी जानकारी स्पष्ट रूप से बताए।

भारत की पिछली जनगणना में भी जैन धर्म को अलग धार्मिक श्रेणी के रूप में दर्ज किया गया था। आधिकारिक जनगणना आंकड़ों में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन सहित प्रमुख धार्मिक समुदायों के आंकड़े अलग-अलग प्रकाशित किए गए हैं।

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जैन संस्थाओं से जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह

सुराणा ने भारतीय जैन मिलन सहित देशभर में सक्रिय जैन सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं से भी जनगणना को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाज की विभिन्न इकाइयों, संगठनों और कार्यकर्ताओं के माध्यम से यह संदेश प्रत्येक जैन परिवार तक पहुंचाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान धार्मिक पहचान स्पष्ट रूप से दर्ज होने से भविष्य में जैन समाज से जुड़े आंकड़ों को समझने में मदद मिलेगी। साथ ही समाज की सामाजिक स्थिति और जरूरतों को लेकर योजनाएं तथा संगठनात्मक गतिविधियां तैयार करने में भी आंकड़े उपयोगी हो सकते हैं।

‘सही पहचान, मजबूत समाज, सुरक्षित भविष्य’ का संकल्प

अभय सुराणा ने समाजजनों से ‘सही पहचान मजबूत समाज सुरक्षित भविष्य’ के संकल्प के साथ जनगणना में अपनी जानकारी सही रूप में दर्ज कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार की जिम्मेदारी है कि वह खुद जागरूक होने के साथ आसपास के अन्य जैन परिवारों को भी सही जानकारी दर्ज कराने के लिए प्रेरित करे।

उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान किसी भी तरह की गलतफहमी से बचना जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति अपनी धार्मिक पहचान और मांगी गई अन्य व्यक्तिगत जानकारी अपनी वास्तविक स्थिति के अनुसार उपलब्ध कराए, ताकि आधिकारिक रिकॉर्ड में सही जानकारी दर्ज हो सके।

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Srota Swati Tripathy

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