
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर से इस समय की एक अत्यंत संवेदनशील और बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। जंतर-मंतर पर चल रहे आमरण अनशन का आज सातवां दिन है। अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठीं सोनम की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। डॉक्टरों की चिंताएं बढ़ चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर इस संवेदनशील मुद्दे पर अब सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है।
इस बीच, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए सीधे तौर पर अपना समर्थन प्रकट किया है। राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस के एक विशेष सांसद प्रतिनिधिमंडल ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की है। आइए देखते हैं इस विषय पर हमारी यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।
जंतर-मंतर पर अधिकारों की लड़ाई लड़ रहीं सोनम के अनशन को आज एक सप्ताह पूरा हो चुका है। निरंतर सात दिनों से अन्न-जल का त्याग करने के कारण उनका शरीर अत्यंत शिथिल पड़ चुका है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। किंतु, शासन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण आंदोलनकारियों में भारी रोष व्याप्त है।
इस गंभीर परिस्थिति के बीच, देश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। राहुल गांधी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जंतर-मंतर पर अपने विशेष सांसद दूत को भेजा, जिन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर सोनम के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके इस संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का संकल्प दोहराया।
विपक्ष के इस कदम के बाद अब राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जंतर-मंतर से उठ रही यह गूंज अब सीधे तौर पर मोदी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जनता और विपक्ष दोनों ही अब सरकार से अविलंब इस विषय पर संज्ञान लेने और आंदोलनकारियों की उचित मांगों को स्वीकार करने का दबाव बना रहे हैं। देखना यह होगा कि इस बिगड़ते स्वास्थ्य और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
इस पूरे घटनाक्रम और सोनम के स्वास्थ्य से जुड़ी प्रत्येक पल की अपडेट के लिए आप बने रहिए हमारे साथ। कैमरे के पीछे हमारे सहयोगियों के साथ, ब्रांडवाणी समाचार, दिल्ली।







