
जावरा: श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ सेवा समिति, जावरा द्वारा जीव दया और सेवा कार्यों को लेकर विशेष कार्यक्रम रविवार को आयोजित किया गया। समिति के अध्यक्ष अभय सुराणा ने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल आधार “अहिंसा परमो धर्मः” और “जियो और जीने दो” का सिद्धांत है। मूक प्राणियों की सेवा करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।
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उन्होंने बताया कि आज 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के केवलज्ञान कल्याणक के अवसर पर उनके सिद्धांतों को सार्थक करने का प्रयास किया गया। समिति द्वारा नगर की गौशालाओं में गौमाता को हरा चारा, गुड़, गो-ग्रास एवं पशु आहार उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही पक्षियों के लिए सकोरे और बेसहारा पशुओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बर्तन रखने की योजना पर भी कार्य शुरू किया गया है।
समिति ने बताया कि शीत ऋतु में गौवंश को ठंड से बचाने के लिए कंबल वितरण और गौशालाओं में म्यूजिक सिस्टम भी लगवाए गए थे। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ सदस्य अनिल पावेचा और देवेंद्र धारीवाल का मोतियों की माला पहनाकर जन्मदिन मनाया गया।
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