
सार
कर्नाटक में बिना जरूरी डिग्री और वैध रजिस्ट्रेशन के मरीजों का इलाज करने वाले कथित फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। राज्य में वर्ष 2024 से 2026 के बीच अब तक 582 फर्जी डॉक्टरों की पहचान की गई है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद ऐसे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है, जो बिना उचित चिकित्सकीय योग्यता के लोगों का इलाज कर रहे थे।
विस्तार
जानकारी के मुताबिक फर्जी डॉक्टरों का यह मामला कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में सामने आया है। इनमें कलबुर्गी समेत कई जिले शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान ऐसे लोगों की पहचान की गई, जो आवश्यक चिकित्सा शिक्षा और पंजीकरण के बिना ही डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रहे थे।
स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि बिना मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री और वैध रजिस्ट्रेशन के मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जा रहा था। ऐसे कथित चिकित्सकों के पास मरीजों की जांच, बीमारी की पहचान और दवा लिखने का अधिकार नहीं होता। इसके बावजूद कई लोग लंबे समय से स्थानीय स्तर पर क्लीनिक चलाकर लोगों का इलाज कर रहे थे।
फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि गलत इलाज से मरीजों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। कई बार सामान्य बीमारी के नाम पर गलत दवाएं देने या गंभीर बीमारी की पहचान नहीं कर पाने से मरीज की स्थिति बिगड़ने का खतरा रहता है।
582 मामलों की पहचान के बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और सख्त करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से ऐसे क्लीनिक और चिकित्सा केंद्रों पर नजर रखी जा रही है, जहां बिना उचित योग्यता वाले लोगों के इलाज करने की शिकायतें सामने आती हैं।
इस कार्रवाई का मकसद लोगों को सुरक्षित और योग्य चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मरीजों का इलाज केवल ऐसे डॉक्टर करें, जिनके पास संबंधित चिकित्सा क्षेत्र की आवश्यक योग्यता और वैध पंजीकरण मौजूद हो।
फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई ने कर्नाटक की स्वास्थ्य व्यवस्था में निगरानी की जरूरत को भी सामने ला दिया है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में लोग कई बार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व्यक्तियों से ही इलाज करा लेते हैं। ऐसे में उनकी योग्यता और पंजीकरण की जांच नहीं हो पाती।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि बिना योग्यता इलाज करने वालों पर शिकंजा और मजबूत होगा। साथ ही लोगों के बीच भी जागरूकता बढ़ेगी कि इलाज कराने से पहले डॉक्टर की डिग्री और रजिस्ट्रेशन की जानकारी जरूर जांचें।
582 फर्जी डॉक्टरों की पहचान का आंकड़ा कर्नाटक में अनधिकृत चिकित्सा प्रैक्टिस की गंभीरता को दिखाता है। अब निगाह इस बात पर है कि इन मामलों में आगे कितनी कड़ी कार्रवाई होती है और राज्य में अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस पर कितना प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो पाता है।
- karnataka-582-fake-doctors-identified-action-against-unqualified-doctors








