किन्नर बनकर करते थे लूट, देवास पुलिस ने 6 सदस्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, सोना, कारें और हथियार बरामद

देवास/ गौरव व्यास: मध्य प्रदेश के देवास जिले में कन्नौद और खातेगांव पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए किन्नर का भेष धारण कर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटे गए सोने के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें और धारदार हथियार बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी किन्नर बनकर लोगों का विश्वास जीतते थे और फिर चाकू की नोक पर लूट की वारदात को अंजाम देते थे।

19 जून की वारदात से खुला पूरा मामला

पुलिस के अनुसार 19 जून को खातेगांव थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक के घर कुछ लोग किन्नर बनकर पहुंचे थे। आरोपियों ने पहले बातचीत कर परिवार का विश्वास जीता और फिर अचानक चाकू दिखाकर घर में मौजूद सोने के आभूषण लूट लिए। वारदात में करीब 1.50 लाख रुपये के सोने के जेवर लूटे गए थे। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना खातेगांव और थाना कन्नौद पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद खुला राज

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू उर्फ सुनील को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने लूट की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की।

पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि वारदात में उसके साथ पांच अन्य साथी भी शामिल थे। पुलिस को पता चला कि ये आरोपी पहले से ही कन्नौद क्षेत्र के एक अन्य मामले में जेल में बंद हैं। इसके बाद पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने भी लूट की घटना स्वीकार कर ली।

सोने के जेवर, दो कारें और हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए दो सोने की मालाएं, एक जोड़ी सोने के टॉप्स, वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें और दो धारदार हथियार बरामद किए हैं। बरामद सामान को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

किन्नर का भेष बनाकर बनाते थे शिकार

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी किन्नर का भेष धारण कर लोगों के घर पहुंचते थे, जिससे किसी को उन पर संदेह नहीं होता था। इसके बाद मौका देखकर हथियार के बल पर लोगों को डराते और लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।

अन्य वारदातों की भी जांच

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने देवास के अलावा अन्य जिलों में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई और अहम खुलासे होने की संभावना है।

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Manisha Gupta

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