लखनऊ में अवैध चैंबर्स पर चला हाईकोर्ट का बुलडोजर; विरोध में वकीलों की नारेबाजी, पुलिस का लाठीचार्ज

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में रविवार, 17 मई को जिला अदालत और स्वास्थ्य भवन के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के सख्त आदेश के अनुपालन में नगर निगम, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने सुबह से ही इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान वहां मौजूद वकीलों ने कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की, जिसके बाद पुलिस और वकीलों के बीच तीखी बहस और भारी हंगामा देखने को मिला।

स्थिति नियंत्रण से बाहर होते देख हंगामा कर रहे वकीलों पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस कार्रवाई के विरोध में एक वकील ने खुद को अपने चैंबर के भीतर बंद कर लिया और प्रशासन पर बिना पूर्व नोटिस के कार्रवाई का आरोप लगाते हुए अंदर ही फांसी लगाने का प्रयास किया, जिसे सुरक्षाबलों ने तत्परता दिखाते हुए विफल कर दिया।

वकीलों ने लगाया भेदभाव का आरोप

कार्रवाई से नाराज एक महिला वकील ने आरोप लगाया कि प्रशासन कुछ लोगों की मिलीभगत से गलत तरीके से कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा, “जिस जगह हमारे वकील बैठते थे, उसे बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जा रहा है। अगर चैंबर्स गिराने से पहले बैठने के लिए कोई दूसरी जगह दे दी जाती, तो यह ज़्यादा सही होता।” वकीलों का यह भी दावा है कि हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन और कचहरी के आसपास के चुनिंदा 72 चैंबर्स की पहचान कर उन्हें गिराने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने उन खास चैंबर्स को छोड़ने के बजाय आम वकीलों के उन चैंबर्स को भी मलबे में तब्दील कर दिया जिन पर डिमोलिशन के निशान तक नहीं लगाए गए थे।

हाईकोर्ट के आदेश पर 240 अवैध चैंबर निशाने पर

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन और कचहरी परिसर के आसपास सार्वजनिक रास्तों पर बने वकीलों के कुल 240 अवैध चैंबरों को हटाने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद नगर निगम ने संबंधित जगहों पर बकायदा नोटिस चस्पा किए थे और वकीलों को स्वतः ही अपने अवैध निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। तय मियाद पूरी होने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब प्रशासन को बुलडोजर की मदद लेनी पड़ी। वकीलों के भारी विरोध और हंगामे की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल के साथ प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) की टुकड़ियों को तैनात किया गया है।

इन प्रमुख रास्तों पर केंद्रित है कार्रवाई

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मुख्य रूप से स्वास्थ्य भवन चौराहे से चकबस्त चौराहे की सड़क, सदर तहसील व निबंधन कार्यालय, रेजिडेंसी से सीएमओ कार्यालय और स्वास्थ्य भवन से जिला सत्र न्यायालय की ओर जाने वाले मुख्य मार्गों पर बड़े पैमाने पर अवैध चैंबर बनाए गए हैं, जिन्हें पूरी तरह साफ किया जाएगा।

हालांकि, प्रशासनिक सख्ती को देखते हुए कुछ वकीलों ने स्वेच्छा से पहले ही अपना कब्जा छोड़ दिया था। अधिकारियों का कहना है कि सड़क, फुटपाथ और नाले-नालियों पर अवैध रूप से चैंबर व फोटोकॉपी की दुकानें बनाने वालों में अधिकतर प्रभावशाली लोग शामिल हैं। गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में भी नगर निगम और पुलिस ने मिलकर यहां 20 अवैध चैंबर ध्वस्त किए थे, लेकिन कुछ समय बाद वहां दोबारा अतिक्रमण कर लिया गया था, जिसे देखते हुए इस बार पूरी तरह सख्ती बरती जा रही है।

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    Rashel Kachwah Rajput

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