
भोपाल। पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में नक्सलवाद को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने करीब 35 वर्षों से चली आ रही नक्सलवाद की चुनौती से बाहर निकलने में सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय पुलिस और सुरक्षा बलों के साहस, शौर्य और समर्पण को दिया।
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को किया नमन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के लाल परेड मैदान स्थित शहीद स्मारक में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस परेड समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिस अधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस वर्ष ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले मध्य प्रदेश पुलिस के नौ अधिकारियों और कर्मचारियों को नमन किया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने भी शहीद जवानों को याद करते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
35 साल की नक्सल चुनौती से बाहर आने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि करीब 35 वर्षों से जिस नक्सलवाद की चुनौती का सामना किया जा रहा था, उससे अब बाहर निकलने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में साहस और समर्पण का परिचय दिया।
मोहन यादव ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए गए प्रयासों को भी दिया।
यह भी पढ़े: MP में 9 शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को मिलेगा 1-1 करोड़, अनुकंपा नियुक्ति समेत कई लाभ
अब साइबर अपराध और नशा पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिस के सामने चुनौतियों का स्वरूप भी बदल रहा है। उन्होंने साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी को बड़ी चुनौतियों में शामिल बताया।
उन्होंने पुलिसकर्मियों से इन चुनौतियों का भी मजबूती से मुकाबला करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और सशस्त्र बल देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए सहायता का ऐलान
मुख्यमंत्री ने ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सहायता राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी और 50 प्रतिशत माता-पिता को दिया जाएगा।
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को उन पुलिसकर्मियों के बलिदान की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए। यह दिन 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 10 जवानों की स्मृति से जुड़ा है।
पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह बयान मध्य प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ लंबे समय से चल रहे अभियान के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, प्रदेश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त घोषित किए जाने का दावा मुख्यमंत्री का बयान है। अब पुलिस के सामने साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी नई चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया जा रहा है।
यह भी पढ़े: यूरोप में हिंसक प्रदर्शन के बीच भारतीयों के लिए एडवाइजरी, इटली में दूतावास ने कहा- भीड़ से रहें दूर
- madhya-pradesh-naxalism-free-mohan-yadav-police-smriti-diwas








