
बुहारनपुर: मध्य प्रदेश के ग्राम पंचायत बाकड़ी के अंतर्गत आने वाला नादियामाल गांव आज भी विकास के दावों से दूर नजर आ रहा है। यहां करीब 200 से 250 परिवार पानी, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की सबसे गंभीर समस्या है। महिलाओं और बच्चों को रोजाना पहाड़ों से पानी लाना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब फिसलन भरे रास्तों पर जान जोखिम में डालकर पानी लाना मजबूरी बन जाती है।
गांव में सड़क सुविधा न होने के कारण बारिश के समय संपर्क पूरी तरह टूट जाता है और आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस तक गांव में नहीं पहुंच पाती। इससे सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को होती है।बिजली की स्थायी व्यवस्था न होने से पूरा गांव अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि गांव में न तो आंगनवाड़ी केंद्र है और न ही स्कूल, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इससे लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र का तुरंत सर्वे कराकर पानी, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं।
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