34 आंगनवाड़ी भवन अधूरे, कलेक्टर सख्त: आरईएस कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ नोटिस

मैहर।  मैहर जिले में वर्षों से लंबित आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने वित्तीय वर्ष 2015-16 और 2017-18 में स्वीकृत 34 आंगनवाड़ी भवनों के अब तक पूर्ण नहीं होने पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के कार्यपालन यंत्री लाजरूस केरकेट्टा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने उन्हें दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।

वर्षों से अधूरे और अप्रारंभ पड़े निर्माण कार्य

कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि पूर्व वित्तीय वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत इन भवनों को पूर्ण कराने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई गई थी। प्रत्येक भवन के लिए 1.70 लाख रुपये की दर से जिला पंचायत के खाते में राशि दी गई थी, ताकि तकनीकी आंकलन और आवश्यक स्वीकृतियां लेकर निर्माण कार्य पूरा किया जा सके।

तकनीकी स्वीकृतियों में देरी से अटका काम

इसके बावजूद ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा समय पर तकनीकी आंकलन और आवश्यक स्वीकृतियां नहीं दी गईं, जिसके कारण ये सभी निर्माण कार्य 2015-16 से अब तक लंबित हैं। इस लापरवाही को लेकर समय-सीमा बैठक में भी समीक्षा की गई थी और सीईओ जिला पंचायत से प्रतिवेदन प्राप्त किया गया।

प्रतिवेदन में सामने आई लापरवाही

प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार कार्यपालन यंत्री द्वारा निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया, जिसके चलते 34 आंगनवाड़ी भवन आज तक अधूरे या शुरू ही नहीं हो पाए हैं। इसे शासन की योजनाओं के उद्देश्य के विपरीत और गंभीर लापरवाही माना गया है।

नियमों के तहत कदाचार की श्रेणी में मामला

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल आचरण नियम 1965 के तहत कदाचार की श्रेणी में आता है। उन्होंने संबंधित अधिकारी को दो दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया है।

संतोषजनक जवाब नहीं तो सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, तो एकपक्षीय और कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़े : गैस एजेंसियों पर कलेक्टर की सख्ती: नियम उल्लंघन पर नोटिस, लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी

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Manisha Gupta

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