
अभिनेत्री मंदाकिनी की फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ का एक गीत ऐसा है, जिसने केवल फिल्मी संगीत की दुनिया में ही नहीं, बल्कि पहाड़ों की खूबसूरती और वहां के जीवन को भी एक अलग पहचान दी। ‘हुस्न पहाड़ों का’ गीत आज भी पुराने हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और सुकून देने वाले गीतों में गिना जाता है।
पहाड़ों की खूबसूरती को गीत में किया बयां
फिल्म के इस गीत में पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता, मौसम और वहां की जिंदगी को बेहद खूबसूरत अंदाज में पेश किया गया। गीत के बोल और संगीत ने दर्शकों को पहाड़ों की ठंडी हवाओं, हसीन वादियों और सुहाने मौसम का एहसास कराया।
इस गीत को लता मंगेशकर और सुरेश वाडकर ने आवाज दी थी, जबकि इसका संगीत रवींद्र जैन ने तैयार किया था। गीत के बोल भी रवींद्र जैन ने लिखे थे।
मंदाकिनी और राजीव कपूर पर फिल्माया गया था गीत
‘हुस्न पहाड़ों का’ गीत फिल्म राम तेरी गंगा मैली में मंदाकिनी और राजीव कपूर पर फिल्माया गया था। वर्ष 1985 में रिलीज हुई यह फिल्म राज कपूर द्वारा निर्देशित थी और अपने संगीत, कहानी और शानदार लोकेशन के कारण आज भी हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल है।
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समय बीतने के साथ फिल्म के कई दृश्य और गीत दर्शकों की यादों में बसे रहे, लेकिन ‘हुस्न पहाड़ों का’ ने पहाड़ों की खूबसूरती को जिस तरह पर्दे और संगीत के जरिए लोगों तक पहुंचाया, वह इसे आज भी खास बनाता है।
- Mandakini Husn Pahadon Ka Song Became Identity Of Mountains








