
Meta ने अपने नए AI फीचर ‘Muse Image’ को लॉन्च के कुछ ही दिनों बाद वापस लेने का फैसला किया है। इंस्टाग्राम से जुड़े इस फीचर को लेकर दुनियाभर में यूजर्स, प्राइवेसी और मनोरंजन जगत से जुड़े संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने फीचर को हटाते हुए कहा कि यह लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा।
क्या था ‘Muse Image’ फीचर?
‘Muse Image’ Meta का AI आधारित इमेज जनरेशन टूल था, जो सार्वजनिक इंस्टाग्राम अकाउंट की तस्वीरों का उपयोग करके नई AI इमेज तैयार कर सकता था। यूजर्स टेक्स्ट प्रॉम्प्ट या स्केच के जरिए किसी पब्लिक प्रोफाइल की फोटो से प्रेरित AI इमेज बना सकते थे। Meta का कहना था कि इसका उद्देश्य लोगों को अधिक रचनात्मक AI अनुभव देना है।
क्यों हुआ विवाद?
फीचर लॉन्च होते ही सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर शुरू हुआ कि कई पब्लिक इंस्टाग्राम अकाउंट इस सुविधा में स्वतः शामिल थे। आलोचकों का कहना था कि किसी व्यक्ति की तस्वीरों का AI मॉडल में उपयोग करने से पहले उसकी स्पष्ट अनुमति ली जानी चाहिए थी। हॉलीवुड कलाकारों के संगठन SAG-AFTRA समेत कई संस्थाओं ने इसे निजता और डिजिटल पहचान के लिए खतरा बताया।
Meta ने क्या कहा?
Meta ने बयान जारी कर कहा कि कंपनी का उद्देश्य लोगों को एक उपयोगी क्रिएटिव टूल देना था, लेकिन यह फीचर लोगों की अपेक्षाओं और प्राइवेसी संबंधी चिंताओं पर खरा नहीं उतर सका। इसी कारण इसे वापस लेने का निर्णय लिया गया है। कंपनी ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे AI फीचर्स को और बेहतर सुरक्षा तथा स्पष्ट यूजर नियंत्रण के साथ पेश किया जाएगा।
AI और प्राइवेसी पर फिर छिड़ी बहस
इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर AI तकनीक, डिजिटल सहमति और सोशल मीडिया पर उपलब्ध सार्वजनिक डेटा के उपयोग को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित नई सेवाओं के लिए केवल तकनीकी नवाचार ही नहीं, बल्कि पारदर्शिता और यूजर की स्पष्ट सहमति भी उतनी ही जरूरी है।
यह भी पढ़ें: http://भारतीय छात्रों को बड़ा झटका, ऑस्ट्रेलिया ने फिर बढ़ाई स्टूडेंट वीजा फीस
- meta-removes-muse-image-ai-feature-instagram-after-user-backlash












