
प्रदेश के एक बड़े सरकारी विभाग में तबादला सूची को लेकर मंत्री और विभाग के प्रभारी प्रमुख सचिव के बीच मतभेद खुलकर सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, विभागीय अधिकारियों के तबादलों की सूची प्रमुख सचिव के स्तर पर तैयार की गई थी और इसे अंतिम स्वीकृति के लिए मंत्री के पास भेजा गया। हालांकि, सूची सामने आने के बाद कई अधिकारियों के स्थानांतरण में अंतिम समय पर बदलाव किए जाने की बात कही जा रही है, जिससे विभाग के भीतर असंतोष और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
बताया जा रहा है कि मूल प्रस्तावित सूची में शामिल कई अधिकारियों के नामों और पदस्थापन स्थानों में बदलाव कर दिया गया। कुछ अधिकारियों को उनकी पसंदीदा जगह के बजाय अन्य जिलों में भेजा गया, जबकि कुछ के तबादले भी बदले गए। इस घटनाक्रम के बाद मंत्री ने कथित तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाया कि यदि सूची में बदलाव किया जाना था तो उन्हें पहले विश्वास में क्यों नहीं लिया गया। सूत्रों का दावा है कि मंत्री का मानना है कि इस तरह के फैसलों में विभागीय नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए था।
विभागीय गलियारों में यह भी चर्चा है कि तबादला प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से अधिकारी अपनी पसंदीदा पोस्टिंग की उम्मीद लगाए बैठे थे। कई अधिकारियों ने नई पदस्थापना को लेकर पहले से तैयारियां भी शुरू कर दी थीं, लेकिन सूची में बदलाव होने के बाद उनकी उम्मीदों को झटका लगा है। इससे विभाग में अनिश्चितता का माहौल बन गया है और कई अधिकारी अब अंतिम आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और समन्वय बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। फिलहाल मंत्री और प्रमुख सचिव के बीच मतभेद की चर्चाओं ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है और सभी की नजर अब इस बात पर है कि अंतिम तबादला सूची में क्या बदलाव किए जाते हैं और सरकार इस मामले पर क्या रुख अपनाती है।
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