एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ईओडब्ल्यू को 345 करोड़, नगरीय निकायों में 392 पर कार्रवाई

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने आर्थिक अपराधों की जांच और कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी ईओडब्ल्यू के कामकाज के लिए 345 करोड़ रुपये मंजूर किए। वहीं नगरीय निकायों में सरकारी खरीद से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में अब तक 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी कैबिनेट में दी गई।

नगरीय निकायों में 392 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई

कैबिनेट बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों में सामान की खरीद से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के बाद 201 मामलों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें करीब 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी भी शामिल हैं। कार्रवाई की प्रकृति मामले की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग रही है।

अब तक सात अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। वहीं करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की वसूली की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा 80 से अधिक ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

यह भी पढ़े: MP Travel Mart 2026 में पर्यटन को बड़ा निवेश, 3,700 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव

एआई से पकड़ी गई खरीद में गड़बड़ियां

सरकार ने नगरीय निकायों की खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं की पहचान के लिए तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल किया। इसके लिए मध्यप्रदेश ई-नगर पालिका और सरकारी ई-मार्केटप्लेस के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।

जांच में अलग-अलग नगरीय निकायों द्वारा एक जैसी सामग्री के लिए अलग-अलग कीमत चुकाने जैसी विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी विश्लेषण से यह पता लगाने में मदद मिली कि किस निकाय ने क्या सामान, कितनी मात्रा में और किस कीमत पर खरीदा।

कैंपा फंड के लिए 2050 करोड़ और चार जिलों में डीईओ कार्यालय

कैबिनेट ने कैंपा फंड के तहत 2050 करोड़ रुपये के प्लान को भी मंजूरी दी। इसके अलावा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की वर्ष 2019-20 से चल रही चार योजनाओं को जारी रखने के लिए 3378 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

प्रदेश के चार नए जिलों-निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर—में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खोलने को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए जरूरी पद भी स्वीकृत किए गए हैं। इससे इन जिलों में शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कामकाज को स्थानीय स्तर पर संचालित करने में मदद मिलेगी।

कम बारिश वाले जिलों के किसानों पर भी चर्चा

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के करीब 12 जिलों में कम बारिश की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलेवार आकलन के आधार पर प्रभावित किसानों को सहायता देने पर विचार किया गया है। अलीराजपुर, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार, शाजापुर और पांढुर्णा समेत अन्य क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है।

हालांकि, प्रभावित जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने का अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। सरकार ने किसान कल्याण वर्ष के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की।

मध्यप्रदेश कैबिनेट के फैसलों में आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई मजबूत करने, नगरीय निकायों में खरीद प्रक्रिया की निगरानी बढ़ाने और सरकारी धन के इस्तेमाल में जवाबदेही तय करने पर जोर दिखाई दिया। वहीं कम बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने पर भी सरकार ने चर्चा की है।

Srota Swati Tripathy

Srota Swati Tripathy

Related Posts

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: क्राइम ब्रांच पहुंचें सौरभ दास और आशुतोष रांका

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले…

मैहर में युवा मोर्चा की रैलियों से संगठन और सत्ता के बीच दूरी की चर्चा

मैहर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष…

You Missed

Ultraviolette का AI स्मार्ट हेलमेट लॉन्च! हाई-टेक फीचर्स और फ्यूचरिस्टिक लुक ने खींचा सबका ध्यान

Ultraviolette का AI स्मार्ट हेलमेट लॉन्च! हाई-टेक फीचर्स और फ्यूचरिस्टिक लुक ने खींचा सबका ध्यान

शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, जैत में आज अंतिम संस्कार

शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, जैत में आज अंतिम संस्कार

चक्रवात अर्नब कमजोर, बंगाल की खाड़ी में फिर बन रहा नया सिस्टम, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात अर्नब कमजोर, बंगाल की खाड़ी में फिर बन रहा नया सिस्टम, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

MP Travel Mart 2026 में पर्यटन को बड़ा निवेश, 3,700 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव

MP Travel Mart 2026 में पर्यटन को बड़ा निवेश, 3,700 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव

हैरी केन ने जीता बैलन डी’ओर 2026, 25 साल बाद इंग्लैंड का कमाल

हैरी केन ने जीता बैलन डी’ओर 2026, 25 साल बाद इंग्लैंड का कमाल