
मध्यप्रदेश में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण प्रशासन की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संकेत दिए हैं कि पंचायत राज नियमों में संशोधन किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में ग्राम सभा के अधिकारों में बदलाव और पंचायतों को स्थानीय स्तर पर कर लगाने का अधिकार देने की तैयारी है। हालांकि, इन बदलावों का अंतिम स्वरूप आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा।
ग्राम सभा की भूमिका में हो सकता है बदलाव
प्रहलाद सिंह पटेल के मुताबिक पंचायत राज व्यवस्था के नियमों में संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में ग्राम सभा की अनिवार्यता खत्म नहीं होगी, लेकिन उसके कुछ अधिकार पंचायत समितियों को सौंपे जाने की तैयारी है। इससे गांवों में विकास कार्यों और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव आ सकता है। हालांकि, किन-किन अधिकारों का हस्तांतरण होगा, इसकी पूरी जानकारी नए नियम जारी होने के बाद ही सामने आएगी।
विभागीय स्तर पर मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 में समय की जरूरत के अनुसार संशोधन के प्रारूप पर भी समीक्षा की जा रही है। सरकार का जोर पंचायत व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने पर बताया गया है।
पंचायतों को टैक्स लगाने का अधिकार देने की तैयारी
प्रस्तावित बदलावों में पंचायतों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने का मुद्दा भी शामिल है। सरकार पंचायतों को नगरपालिकाओं की तर्ज पर स्थानीय स्तर पर कर लगाने का अधिकार देने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य पंचायतों को अपने विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाने का विकल्प देना है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पंचायतें किन सेवाओं या संपत्तियों पर कर लगा सकेंगी और इसकी दरें क्या होंगी। इन सभी बिंदुओं पर अंतिम निर्णय और नियमों की अधिसूचना का इंतजार है।
अप्रैल-मई 2027 में हो सकते हैं पंचायत चुनाव
मध्यप्रदेश में अगला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव वर्ष 2027 में होना है। मंत्री प्रहलाद पटेल के बयानों के मुताबिक चुनाव अप्रैल-मई 2027 के आसपास कराए जाने की तैयारी है। सरकार मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से एक-दो महीने पहले चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि नई पंचायतों को समय पर जिम्मेदारी सौंपी जा सके। हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है।
प्रदेश में पिछला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में हुआ था। आगामी चुनाव के लिए मतदाता सूची को 1 जनवरी 2027 की स्थिति के आधार पर तैयार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अंतिम चुनाव कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
2472 पंचायत भवनों के लोकार्पण की तैयार
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत अधोसंरचना को मजबूत करने पर भी सरकार का जोर है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक प्रदेश में 2472 पंचायत भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन भवनों को नए डिजाइन के तहत दो मंजिला बनाया गया है और प्रत्येक भवन के लिए 37.50 लाख रुपये की राशि बताई गई है। इसके अलावा 3700 से अधिक सामुदायिक भवन बनाए जाने की जानकारी भी दी गई है।
मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव 2027 से पहले पंचायत राज व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों पर नजर बनी हुई है। ग्राम सभा के अधिकार, पंचायत समितियों की भूमिका और स्थानीय कर व्यवस्था में बदलाव का असर सीधे ग्रामीण प्रशासन पर पड़ सकता है। फिलहाल इन बदलावों को प्रस्तावित माना जाना चाहिए। अंतिम स्थिति सरकार की अधिसूचना और राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगी।
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