
भोपाल।आदि शर्मा| मध्य प्रदेश विधानसभा में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके तहत अब निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी जमा करने की अनिवार्यता नहीं होगी। इस फैसले पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप प्रक्रियाओं का सरलीकरण करना है।
पहले भी कम किया गया था भूमि का रकबा
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय आयोग अधिनियम, 2007 के तहत पहले भी निजी विश्वविद्यालयों के लिए आवश्यक भूमि का रकबा कम किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि समाज के अधिक से अधिक लोग उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निवेश और भागीदारी करें।
विश्वस्तरीय शिक्षा संस्थानों को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री ने कहा कि भारत को विश्वस्तरीय शिक्षा का केंद्र बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में भारतीय विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए विदेशों में लाखों रुपये खर्च करते हैं। यदि बेहतर शैक्षणिक संस्थान और विदेशी स्तर की विश्वविद्यालय सुविधाएं देश में उपलब्ध होंगी तो विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सरलीकरण
इंदर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का प्रमुख उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को सरल, गुणवत्तापूर्ण और अधिक सुलभ बनाना है। इसी सोच के तहत निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े नियमों में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।
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