
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के वन क्षेत्र में रेडियो कॉलर लगा एक नर चीता घायल अवस्था में मिला है। वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू कर कूनो राष्ट्रीय उद्यान के चिकित्सा केंद्र पहुंचाया, जहां उसका उपचार और चिकित्सकीय जांच की जा रही है। चीते की चोट गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, उसके घायल होने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
घायल अवस्था में मिला रेडियो कॉलर वाला चीता
जानकारी के मुताबिक, जंगल में निगरानी के दौरान रेडियो कॉलर लगे नर चीते के घायल होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। चीते की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, चीते की चोटों की गंभीरता और उनके कारण का पता लगाने के लिए एक्स-रे सहित अन्य चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि चीता किसी दूसरे वन्यजीव के हमले में घायल हुआ या किसी अन्य वजह से उसे चोट लगी।
शिकारियों के हमले की आशंका ने बढ़ाई चिंत
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने चीते के घायल मिलने के बाद शिकारियों की आशंका जताई है। उन्होंने कूनो और आसपास के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
दुबे का कहना है कि रेडियो कॉलर वाले वन्यजीवों की लगातार निगरानी के बावजूद ऐसी घटना चिंता का विषय है। हालांकि, वन विभाग की जांच पूरी होने से पहले यह स्पष्ट नहीं है कि चीते पर किसी शिकारी ने हमला किया था या नहीं। इसलिए फिलहाल इस आशंका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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पहले भी उठ चुके हैं वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल
कूनो और आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में मध्यप्रदेश में कई तेंदुओं के कथित शिकार से जुड़े मामले में वन विभाग ने खालें जब्त की थीं। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की गई थी कि जब्त खालों में रेडियो कॉलर वाले तेंदुओं के अवशेष शामिल हैं या नहीं।
रेडियो कॉलर का इस्तेमाल वन्यजीवों की गतिविधियों और स्थान की निगरानी के लिए किया जाता है। कूनो में पहले भी रेडियो कॉलर को लेकर स्वास्थ्य संबंधी सवाल उठ चुके हैं, हालांकि केंद्र सरकार ने पूर्व में चीता मौतों को रेडियो कॉलर से जोड़ने वाली रिपोर्टों को वैज्ञानिक प्रमाण के अभाव में अटकल बताया था।
विशेष टीमें कर रही हैं मामले की जांच
नर चीते के घायल मिलने के बाद वन विभाग ने जांच के लिए विशेष टीमों को सक्रिय किया है। रिपोर्ट के अनुसार, विशेष जांच दल के साथ विशेष कार्य बल को भी मामले की पड़ताल में लगाया गया है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चीते को चोट कैसे लगी।
फिलहाल विभाग की प्राथमिकता चीते का उपचार और उसकी स्थिति पर नजर रखना है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण की जानकारी सामने आ सकेगी।
रेडियो कॉलर लगा नर चीता घायल मिलने से कूनो और आसपास के वन क्षेत्रों में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि, अभी हमले या शिकार की आशंका की पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग की जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
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