
भोपाल। मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा प्रत्याशी महेश केवट ने सोमवार को विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। इससे पहले कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने भी अपना नामांकन पत्र जमा किया था। अब 18 जून को होने वाले चुनाव में दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेता महेश केवट के नामांकन के दौरान मौजूद रहे।
भाजपा ने तीसरी सीट पर जीत का दावा करते हुए महेश केवट को मजबूत उम्मीदवार बताया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पार्टी को तीसरी सीट पर भी जीत का पूरा भरोसा है। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, वीडी शर्मा, इंदर सिंह परमार और अन्य नेताओं ने भी भाजपा की जीत को लेकर विश्वास जताया। बुंदेलखंड के ओरछा निवासी महेश केवट ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे।
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन कराया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित कई विधायक मौजूद रहे। मीनाक्षी नटराजन ने इसे विचारधारा की लड़ाई बताते हुए जीत का दावा किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और प्रत्याशी को अपेक्षित समर्थन मिलेगा। हालांकि इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी के इस्तीफे ने राजनीतिक चर्चाओं को भी हवा दी है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों ने अपने-अपने विधायकों की निगरानी और रणनीति तेज कर दी है। भाजपा के तीसरे उम्मीदवार उतारने के फैसले के बाद सियासी हलचल और बढ़ गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 18 जून को होने वाला मतदान केवल संख्या बल ही नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रबंधन और रणनीति की भी परीक्षा होगा। आने वाले दिनों में भोपाल की राजनीति और अधिक गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।
- mp-rajya-sabha-mahesh-kewat-nomination-news








