
MP Weather: मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है, लेकिन इसका असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। शनिवार 31 अक्टूबर को प्रदेश के 27 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। मौसम के इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई है और कई इलाकों में दिन के समय भी ठंडक महसूस हो रही है।
इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 31 अक्टूबर को ग्वालियर-चंबल और विंध्य-महाकौशल के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर के साथ जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी और बालाघाट में बारिश की संभावना है।
रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में भी मौसम बदलने की संभावना जताई गई है।
भोपाल-इंदौर में मौसम अपेक्षाकृत साफ
प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश का असर एक जैसा नहीं रहेगा। भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में शनिवार को धूप निकलने का अनुमान है। उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, धार, देवास और रतलाम में भी मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है।
हालांकि, मौसम में तेजी से बदलाव को देखते हुए स्थानीय स्तर पर बादल और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
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अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा बारिश

पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। अनूपपुर में तीन इंच से अधिक पानी गिरा, जबकि अमरकंटक में सवा दो इंच और सिंगरौली में करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई। अनूपपुर में हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है।
बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले दो दिनों में प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई।
किसानों की बढ़ी चिंता
अक्टूबर के आखिरी दिनों में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई क्षेत्रों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। लगातार बारिश होने पर फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है।
इसके अलावा मंडियों में खुले में रखा अनाज भी बारिश की चपेट में आ सकता है। मौसम का दौर लंबा खिंचने पर किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ सकती है।
2 नवंबर तक बना रह सकता है बदला मौसम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। कुछ क्षेत्रों में धूप रहेगी, जबकि दक्षिणी और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और आंधी की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 2 नवंबर तक मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने का अनुमान है।
मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद बने नए मौसम तंत्र के कारण अक्टूबर के अंतिम दिनों में बारिश हो रही है।
मध्य प्रदेश में अर्नब के कमजोर होने के बावजूद मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। 31 अक्टूबर को 27 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। वहीं कई अन्य शहरों में धूप निकलने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश चिंता का कारण बनी हुई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां धान और अन्य फसलें खेतों या मंडियों में मौजूद हैं।








