अफ्रीका में इबोला का कोहराम: भारत ने भेजी आपातकालीन मेडिकल मदद; सरकार ने जारी की सख्त ट्रैवल एडवाइजरी

नई दिल्ली: अफ्रीका के कुछ हिस्सों में खतरनाक ‘इबोला वायरस’ Ebola Virus के तेजी से बढ़ते प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भारत ने रविवार को ‘अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’  को आपातकालीन चिकित्सा सहायता और सुरक्षात्मक उपकरणों  की पहली खेप रवाना कर दी है। वैश्विक स्वास्थ्य संकट के इस दौर में भारत का यह कदम अफ्रीकी महाद्वीप के प्रति उसकी मजबूत मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दी जानकारी

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मानवीय सहायता की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने अफ्रीका के प्रति भारत के समर्थन को दोहराते हुए लिखा, “भारत ने आज अफ्रीका सीडीसी (@AfricaCDC) को तत्काल चिकित्सा आपूर्ति और सुरक्षात्मक किटों की पहली किस्त भेज दी है। इबोला सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल से निपटने में भारत अफ्रीकी देशों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ा है।”

WHO और अफ्रीका CDC ने घोषित किया हेल्थ इमरजेंसी

यह संकट तब गहराया जब कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य DRC और युगांडा में इबोला के नए मामलों में भारी उछाल देखा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 17 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशंस IHR के तहत इसे ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ PHEIC घोषित कर दिया था। इसके साथ ही, भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, अफ्रीका सीडीसी ने भी कांगो और युगांडा में फैले इबोला वायरस के ‘बुंदीबुग्यो स्ट्रेन’ Bundibugyo Strain को ‘महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ PHECS घोषित किया है।

क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसमिशन का खतरा और WHO की गाइडलाइंस

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस वायरस के एक देश से दूसरे देश की सीमाओं में फैलने (क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसमिशन) की आशंका जताई है, विशेष रूप से दक्षिण सूडान जैसे पड़ोसी देशों में जोखिम बहुत अधिक है। इस उभरते खतरे को देखते हुए, डब्ल्यूएचओ (WHO) की आईएचआर आपातकालीन समिति ने 22 मई को अस्थायी सिफारिशें जारी कीं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं (हवाई अड्डों और बंदरगाहों) पर सख्त निगरानी रखने को कहा गया है। एडवाइजरी में उन यात्रियों की गहन जांच करने पर जोर दिया गया है जो बुंदीबुग्यो वायरस प्रभावित क्षेत्रों से आ रहे हैं और जिनमें बिना किसी स्पष्ट कारण के बुखार जैसे लक्षण दिख रहे हैं।

इबोला का खतरनाक स्ट्रेन और भारत सरकार की ट्रैवल एडवाइजरी

चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक, इबोला का ‘बुंदीबुग्यो स्ट्रेन’ एक बेहद गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार Viral Haemorrhagic Fever है, जिसमें मृत्यु दर Fatality Rate बहुत अधिक होती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वर्तमान में इस विशिष्ट स्ट्रेन के लिए कोई स्वीकृत टीका (Vaccine) या लक्षित उपचार उपलब्ध नहीं है।

इस तेजी से बिगड़ते हालात और महामारी के खतरे को भांपते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इस परामर्श में सभी भारतीय नागरिकों को आगामी आदेश तक कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य DRC, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्राओं से पूरी तरह बचने की सलाह दी गई है।

ये भी पढ़े – डोवाल-रुबियो बैठक: भारत-अमेरिका के बीच रक्षा, आतंकवाद विरोध और ‘TRUST’ पहल पर हुई रणनीतिक साझेदारी

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    Rashel Kachwah Rajput

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