
सार
शिवपुरी/ रानू परिहार: शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र की ग्राम पंचायत पायगा में ‘माटी गणेश, सिद्धि गणेश’ अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। बच्चों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमाएं बनाईं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान लोगों ने घरों में पीओपी की मूर्ति के बजाय मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा स्थापित करने का संकल्प लिया।
विस्तार
मिट्टी से गणेश बनाने जुटे बच्चे और ग्रामीण
गणेश उत्सव को पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की ओर से प्रदेशभर में ‘माटी गणेश, सिद्धि गणेश’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सेक्टर क्रमांक-4 खोड़ के अंतर्गत नवांकुर संस्था मां भगवती समाज सेवा समिति ने ग्राम पंचायत पायगा में कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चों ने अपने हाथों से मिट्टी को आकार देकर भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं तैयार कीं। कार्यशाला के दौरान नवांकुर संस्था के कार्यकर्ताओं ने बच्चों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की विधि भी सिखाई।
POP की जगह माटी के गणेश स्थापित करने का संदेश
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गणेश उत्सव के दौरान प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी पीओपी से बनी मूर्तियों के इस्तेमाल को कम करना और मिट्टी से बनी पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाओं को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के मार्गदर्शक रमेश विश्वकर्मा ने कहा कि सनातन परंपरा में मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की परंपरा रही है। मिट्टी प्रकृति से जुड़ी होती है और विसर्जन के बाद दोबारा उसी में मिल जाती है। इसके विपरीत पीओपी और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियां जलस्रोतों को प्रदूषित कर सकती हैं और जलीय जीवन के लिए नुकसानदायक होती हैं।
उन्होंने कहा कि त्योहारों को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने की आदत विकसित करनी होगी, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण दिया जा सकेगा।
बच्चों ने लिया संकल्प
कार्यशाला में मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाते समय बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने पूरी लगन और रचनात्मकता के साथ प्रतिमाएं तैयार कीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संकल्प लिया कि इस बार अपने घरों में बाजार से लाई गई पीओपी की मूर्ति के बजाय अपने हाथों से बनाई माटी की गणेश प्रतिमा स्थापित करेंगे।
साथ ही दूसरे लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए माटी के गणेश स्थापित करने के लिए प्रेरित करने की बात कही।
जल संरक्षण और स्वच्छता पर भी चर्चा
कार्यक्रम में गांव के वरिष्ठ नागरिकों, महिला मंडल की सदस्यों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शासकीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों पर भी ग्रामीणों से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के अभियान केवल त्योहार मनाने के तरीके में बदलाव नहीं लाते, बल्कि लोगों को प्रकृति और अपनी परंपराओं से जोड़ने का काम भी करते हैं।
संस्था ने जताया ग्रामीणों का आभार
कार्यक्रम के समापन पर नवांकुर संस्था मां भगवती समाज सेवा समिति के सचिव नरेन्द्र वर्मा ने अतिथियों, ग्रामीणों, छात्रों और संस्था के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्था आगे भी पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए भी लगातार काम करने की बात कही। साथ ही ग्राम पंचायत पायगा के सरपंच, सचिव और ग्रामीणों के सहयोग के लिए उनका विशेष रूप से धन्यवाद किया।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद का यह अभियान गणेश उत्सव के दौरान पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने के साथ लोगों को पारंपरिक और प्राकृतिक तरीके से गणेश प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है।
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