
शिवपुरी/रानू परिहार की रिपोर्ट: जिले की पिछोर विधानसभा में बिना अनुमति रातोंरात प्रतिमा स्थापित किए जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधायक प्रीतम लोधी की अपील और जिला प्रशासन के आदेश के बावजूद बीती रात क्षेत्र में दो और स्थानों पर रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमाएं स्थापित कर दी गईं। सुबह ग्रामीणों को इन प्रतिमाओं की जानकारी मिली, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई।
जानकारी के मुताबिक पहली प्रतिमा पिछोर-खोड़ मार्ग स्थित बूढ़ोन-करेरा तिराहे पर रात के समय चबूतरा तैयार कर स्थापित की गई। वहीं दूसरी प्रतिमा पड़ौरा पंचायत के चौराहे पर पक्का चबूतरा बनाकर रानी अवंती बाई लोधी की फ्रेम की हुई तस्वीर के रूप में स्थापित किए जाने की बात सामने आई है। दोनों स्थानों पर सुबह प्रतिमाएं दिखाई देने के बाद लोगों की भीड़ जुटी। हालांकि, किसी तरह के विवाद या तनाव की सूचना सामने नहीं आई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने हाल ही में लोगों से बिना प्रशासनिक अनुमति प्रतिमा स्थापित नहीं करने की अपील की थी। विधायक ने कहा था कि सार्वजनिक, सरकारी या विवादित भूमि पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने से भविष्य में विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही प्रतिमा स्थापित करने की बात कही थी।
जिला प्रशासन की ओर से भी जिले में रातोंरात और बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित किए जाने की घटनाओं को रोकने के लिए आदेश जारी किया गया था। कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी आदेश में बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। आदेश में उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद पिछोर क्षेत्र में दो नई प्रतिमाएं स्थापित किए जाने से प्रशासनिक आदेश के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिना अनुमति इस तरह प्रतिमाएं स्थापित होती रहीं तो भविष्य में सार्वजनिक स्थानों और जमीन को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय में पिछोर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग महापुरुषों की प्रतिमाएं बिना अनुमति स्थापित किए जाने के कई मामले सामने आए हैं। इनमें रानी अवंती बाई लोधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं के अलावा रानी अहिल्याबाई होल्कर और मंगल पांडे की प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की जानकारी भी सामने आती रही है। प्रतिमाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर सम्मान और सामाजिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन नहीं होने से कानून-व्यवस्था और भूमि विवाद की आशंका बनी रहती है। ऐसे में अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह सामाजिक भावनाओं का सम्मान करते हुए नियमों का पालन कैसे सुनिश्चित करता है।
फिलहाल नई प्रतिमाओं को लेकर पुलिस और राजस्व विभाग की ओर से कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन कलेक्टर के आदेश के तहत क्या कदम उठाता है और बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं।
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