
चंडीगढ़ में पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर चर्चा की। बैठक में जैविक खेती, डेयरी, कोल्ड चेन, पैक-हाउस, फसल अवशेष प्रबंधन और खाद्य गुणवत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार हुआ। सरकार ने पंजाब के स्थानीय ब्रांड वेरका और फाइव रिवर्स को ब्रिटिश बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं भी सामने रखीं।
यूके निवेशकों को पंजाब में निवेश का न्योता
किसान भवन में हुई बैठक में ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर एल्बा समेरीग्लो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। मंत्री खुड्डियां ने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय साझेदारी में पंजाब के किसानों का हित प्राथमिकता में रहेगा। उन्होंने ब्रिटेन के निवेशकों को राज्य के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
पंजाब सरकार का जोर कृषि उपज को केवल कच्चे माल के रूप में बेचने के बजाय उसकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को राज्य में बढ़ाने पर है। इससे स्थानीय उद्योगों और किसानों के लिए नए बाजार तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
वेरका और फाइव रिवर्स को ब्रिटिश बाजार में ले जाने पर जोर
बैठक में वेरका और फाइव रिवर्स जैसे पंजाब के ब्रांडों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मंत्री ने तकनीक हस्तांतरण और ब्रांड साझेदारी को संभावित सहयोग का अहम क्षेत्र बताया।
सरकार ने किन्नू जूस कंसंट्रेट, शहद, मक्खन, पनीर, स्किम्ड मिल्क पाउडर और तैयार खाद्य उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार के लिए संभावित उत्पादों के तौर पर चिन्हित किया है। इसके अलावा किन्नू के छिलकों और अन्य कृषि उप-उत्पादों से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने पर भी सहयोग की संभावना जताई गई।
यह भी पढ़े: करवा चौथ पर बादलों ने रोका चांद तो कैसे खुलेगा व्रत? जानें उपाय
कोल्ड चेन और आधुनिक तकनीक में सहयोग की संभावना
पंजाब सरकार ने ब्रिटेन के साथ साझा बुनियादी ढांचे के विकास का प्रस्ताव भी रखा है। इसमें पैक-हाउस, प्री-कूलिंग सुविधाएं, कोल्ड चेन नेटवर्क और आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण उपकरण शामिल हैं।
मंत्री के मुताबिक पंजाब में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण का मजबूत आधार मौजूद है। उन्होंने बताया कि राज्य में 3,292 पंजीकृत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, 151 किसान उत्पादक संगठन, तीन मेगा फूड पार्क और करीब 12 लाख मीट्रिक टन की कोल्ड स्टोरेज क्षमता है। ये आंकड़े बैठक में राज्य सरकार की ओर से साझा किए गए।
भारत-यूके व्यापार समझौते से कारोबार को मिल सकती है रफ्तार
बैठक में भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते का भी उल्लेख किया गया। पंजाब सरकार के अनुसार, समझौते से प्रसंस्कृत खाद्य, बासमती, मसाले, शहद, अचार और किन्नू उत्पादों के लिए ब्रिटिश बाजार में अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को पूरा करना निर्यात के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
सरकार ने कहा कि यूके से आने वाले निवेशकों को ‘इन्वेस्ट पंजाब’ के जरिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम किया जाएगा। अब निगाह इस बात पर है कि बैठक में हुई चर्चाएं आगे चलकर कितने ठोस निवेश और कारोबारी साझेदारियों में बदलती हैं।








