
मैहर। शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर रामनगर में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गांव गमाईन और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और अन्य श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। इसी दौरान भीड़भाड़ वाले मार्गों पर रेत से लदे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, रात करीब 9:37, 9:42 और 9:57 बजे श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच रेत से लदे भारी वाहन गुजरते देखे गए। स्थानीय लोगों ने इसे कथित अवैध रेत परिवहन बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भारी वाहनों की आवाजाही
नवरात्रि के दौरान रामनगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी भीड़ रही। इस दौरान महिलाओं और बच्चों की आवाजाही के बीच भारी वाहनों के गुजरने से दुर्घटना की आशंका को लेकर सवाल उठाए गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ के बीच भारी वाहनों की आवाजाही किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। खासकर ऐसे समय में जब सड़क पर पैदल श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो, यातायात को नियंत्रित करना और भारी वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखना जरूरी हो जाता है।
अवैध रेत परिवहन के आरोप, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने इन वाहनों को कथित अवैध रेत परिवहन से जोड़ते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में रेत से लदे वाहनों की आवाजाही लगातार होती है और त्योहार के दौरान भी इन पर प्रभावी रोक नहीं दिखाई दी।
मैहर के रामनगर क्षेत्र में पहले भी कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। जून 2026 में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कुबरी क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन को लेकर अधिकारियों से शिकायत की थी।
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पहले भी सामने आ चुके हैं रेत वाहनों से जुड़े हादसे
रेत से लदे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा चिंता इसलिए भी गंभीर है क्योंकि रामनगर क्षेत्र में पहले सड़क हादसों में रेत से लदे वाहनों की भूमिका को लेकर सवाल उठ चुके हैं। हाल ही में रामनगर क्षेत्र के जिगना पेट्रोल पंप के पास बिना नंबर प्लेट वाले हाइवा से महिला के गंभीर रूप से घायल होने की रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि उस मामले में भी वाहन और अवैध परिवहन से जुड़े आरोपों की आधिकारिक जांच अलग विषय है।
ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान भीड़ वाले रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए।
बड़ा हादसा होने से पहले व्यवस्था सुधारने की मांग
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब प्रशासन को नवरात्रि में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की जानकारी थी, तो ऐसे मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर पहले से सख्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई। अब मांग की जा रही है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर वाहनों के दस्तावेज, रेत के परिवहन की अनुमति और मार्ग से जुड़े नियमों की जांच करें। यदि परिवहन अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
निष्कर्ष: रामनगर में नवरात्रि की अष्टमी पर श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भारी वाहनों की आवाजाही ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन के लिए जरूरी है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय भीड़ वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान भारी वाहनों के आवागमन को लेकर स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था लागू करे।
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