
दतिया। रतनगढ़ माता मंदिर में दीपावली दौज के अवसर पर 9, 10 और 11 नवंबर 2026 को प्रस्तावित मेले की तैयारियों को लेकर गुरुवार को मंदिर परिसर में मैराथन समीक्षा बैठक हुई। ग्वालियर संभाग के आयुक्त मनोज खत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य और भीड़ प्रबंधन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की विभागवार समीक्षा की गई। आयुक्त ने सभी निर्माण एवं सुधार कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। रतनगढ़ मंदिर में दीपावली दौज पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता
आयुक्त मनोज खत्री ने अधिकारियों से कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को मेले से पहले अपने-अपने क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने और कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए।
बैठक में दर्शन व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, आवागमन और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी, मुख्य नियंत्रण कक्ष और उद्घोषणा व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
31 अक्टूबर तक पूरे होंगे निर्माण और सुधार कार्य
आयुक्त ने मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और पहुंच मार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी काम 31 अक्टूबर तक पूरा करने को कहा। इसके बाद मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं चलना चाहिए और निर्माण सामग्री भी तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए।
मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल को मंदिर पहुंच मार्ग की सीढ़ियों के सुधार, यात्री सदन, रसोई, सुलभ परिसर और पार्किंग से जुड़े काम पूरे करने को कहा गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को नई पेयजल टंकियों, पेयजल केंद्रों और पाइपलाइन का काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस बल के साथ महिला सुरक्षा दल की होगी तैनाती
मेले में भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला सुरक्षा दल और महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती पर भी जोर दिया गया।
भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, यातायात मार्ग में बदलाव, पार्किंग व्यवस्था और मंदिर तक आने-जाने वाले रास्तों की विस्तृत योजना बनाने को कहा गया। अनधिकृत दुकानों पर रोक लगाने के लिए विशेष टीम गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
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स्वास्थ्य सेवाओं में एंटीवेनम की पर्याप्त व्यवस्था
मेले के दौरान चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य शिविर, एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार, स्ट्रेचर और आपातकालीन चिकित्सा संसाधन पर्याप्त संख्या में रखने को कहा गया।
आयुक्त ने विशेष रूप से एंटीवेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा राज्य आपदा आपातकालीन बल, अग्निशमन वाहन, गोताखोर और राहत-बचाव दल को भी तैयार रखने पर जोर दिया गया।
पेयजल और स्वच्छता पर विशेष निगरानी
श्रद्धालुओं के लिए स्थायी और अस्थायी पेयजल टंकियों के साथ पर्याप्त पानी के टैंकर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। टंकियों की नियमित सफाई और पानी की गुणवत्ता की जांच कराने को कहा गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग को मेले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। मेला क्षेत्र में कचरा उठाने, अस्थायी शौचालय, स्नान व्यवस्था और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं से क्यूआर कोड के जरिए लिया जाएगा सुझाव
आयुक्त ने श्रद्धालुओं से व्यवस्थाओं का फीडबैक लेने के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। प्रवेश और निकास सहित प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालु अपनी शिकायत और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे।
बैठक में रतनगढ़ मंदिर और मेला क्षेत्र में सुरक्षा ऑडिट के दौरान सामने आई कमियों को भी निर्धारित मानकों के अनुसार दूर करने के निर्देश दिए गए। सड़क मरम्मत, बिजली, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को समय पर दुरुस्त करने को कहा गया।
अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश
बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक सुनील कुमार जैन, कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े, पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल सहित दतिया और ग्वालियर के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने और किसी भी कमी की जानकारी तत्काल देने को कहा। पुलिस अधीक्षक ने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
रतनगढ़ माता मंदिर का दीपावली दौज मेला बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है। ऐसे में प्रशासन का फोकस इस बार सुरक्षा, सुगम दर्शन और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर है। अब 31 अक्टूबर की समय-सीमा तक सभी तैयारियां पूरी करना प्रशासन के लिए अहम चुनौती होगी।
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