
सागर/ मनीश कुमार चौबे: मध्य प्रदेश के सागर जिले के चनाटोरिया औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेघा गैस सीएनजी प्लांट में गैस रिसाव की घटना से गुरुवार को हड़कंप मच गया। समय रहते प्लांट की तकनीकी टीम ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बीच प्लांट पर बिना वैध रिटेल लाइसेंस के वाहनों में सीएनजी भरने के आरोप भी सामने आए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
गैस रिसाव से फैली दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्लांट से अचानक बड़ी मात्रा में सीएनजी गैस का रिसाव होने लगा। गैस के फैलते ही आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्लांट की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और रिसाव को नियंत्रित करने में जुट गई। काफी प्रयासों के बाद गैस रिसाव पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है।
केवल सीएनजी के स्टोरेज और प्रोसेसिंग की अनुमति
घटना के बाद प्लांट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि प्लांट के पास केवल सीएनजी के स्टोरेज और प्रोसेसिंग की अनुमति है, लेकिन इसके बावजूद परिसर से सीधे आम लोगों के वाहनों में सीएनजी भरी जा रही थी। सूत्रों का दावा है कि इस प्रकार की खुदरा बिक्री के लिए आवश्यक रिटेल लाइसेंस प्लांट के पास नहीं है।
यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पेट्रोलियम सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला माना जाएगा।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील गैस का भंडारण होता है, वहां बाहरी वाहनों की आवाजाही और ईंधन भरना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील होता है। यदि गैस रिसाव के दौरान किसी प्रकार की चिंगारी या आग का स्रोत मौजूद होता, तो बड़ा विस्फोट हो सकता था।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है, जिनमें—
* गैस रिसाव का वास्तविक तकनीकी कारण क्या था?
* सुरक्षा प्रणाली और सेफ्टी वाल्व ने सही तरीके से काम किया या नहीं?
* क्या प्लांट बिना रिटेल लाइसेंस के सीएनजी की खुदरा बिक्री कर रहा था?
* यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में चिंता
घटना के बाद आसपास के उद्योगों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रिसाव पर काबू नहीं पाया जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने प्रशासन से प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था का स्वतंत्र ऑडिट कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।
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