
टीकमगढ़/ दित्यपाल राजपूत: जिले के बल्देवगढ़ में अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अतिरिक्त नायब तहसीलदार एसपी प्रजापति के ड्राइवर के साथ मारपीट की गई और सरकारी वाहन के शीशे तोड़ दिए गए। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में नाराजगी है। तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
अवैध रेत से भरे ट्रैक्टरों को रोकने पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम बल्देवगढ़ के अतिरिक्त नायब तहसीलदार एसपी प्रजापति कार्यालय से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान उनके कार्यालय के सामने से अवैध रेत से भरे कुछ ट्रैक्टर तेज रफ्तार से गुजर रहे थे। ट्रैक्टरों को रोककर जांच किए जाने की बात पर कथित रूप से विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि ट्रैक्टर चालकों और उनके साथ मौजूद लोगों ने अतिरिक्त नायब तहसीलदार के ड्राइवर के साथ मारपीट की। इस दौरान सरकारी वाहन के कांच भी तोड़ दिए गए। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।
तहसीलदार ने थाने में दी लिखित शिकायत
घटना के बाद अतिरिक्त नायब तहसीलदार एसपी प्रजापति ने बल्देवगढ़ थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है।
टीकमगढ़ एसडीओपी राहुल ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी कार्रवाई के दौरान हमले का आरोप
बताया गया है कि अवैध रेत के खिलाफ कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। एसडीओपी राहुल के अनुसार, कुछ दिन पहले ग्राम गुखरई में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान रेत से भरे ट्रैक्टरों द्वारा नायब तहसीलदार के वाहन को टक्कर मारने का मामला भी सामने आया था।
आरोप है कि घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गए थे। इस पूरी घटना की वीडियोग्राफी भी होने की बात कही गई थी। ट्रैक्टरों की पहचान के बाद प्रशासनिक अधिकारी द्वारा लिखित शिकायत भी दी गई थी।
एफआईआर में देरी को लेकर उठे सवाल
पुरानी घटना में शिकायत दिए जाने के बावजूद करीब 30 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों और सरकारी वाहनों पर हमला करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों के हौसले और बढ़ सकते हैं।
अब ताजा घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के सामने चुनौती है कि अवैध रेत परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ कितनी सख्ती से कार्रवाई की जाती है। प्रशासनिक अमले पर लगातार हो रही घटनाओं को लेकर भी अधिकारियों की सुरक्षा और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण की मांग उठने लगी है।
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