
अभिनेता Diljit Dosanjh की फिल्म ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। अब Delhi Sikh Gurdwara Management Committee ने फिल्म के समर्थन में खुलकर उतरते हुए ऐलान किया है कि वह देशभर में फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग आयोजित करेगी, ताकि अधिक से अधिक लोग मानवाधिकार कार्यकर्ता Jaswant Singh Khalra की कहानी जान सकें।
समिति का आरोप
DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने फिल्म को OTT से हटाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष और बलिदान की कहानी है, जिसे लोगों तक पहुंचना चाहिए। समिति का आरोप है कि इस तरह फिल्म को हटाना इतिहास और सच्चाई को दबाने का प्रयास है।
सार्वजनिक स्थानों पर फिल्म की स्क्रीनिंग
समिति ने घोषणा की है कि वह गुरुद्वारों, सामुदायिक केंद्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर फिल्म की स्क्रीनिंग के साथ-साथ जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और मानवाधिकारों पर सेमिनार भी आयोजित करेगी। इसका उद्देश्य युवाओं और समाज को उस दौर की घटनाओं से परिचित कराना है।
आवश्यक प्रमाणन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई
यह विवाद तब शुरू हुआ जब फिल्म ‘सतलुज’ (जिसका पहले नाम Punjab ’95 था) बिना व्यापक प्रचार के ZEE5 पर रिलीज हुई, लेकिन करीब 48 घंटे के भीतर भारत में प्लेटफॉर्म से हटा ली गई। केंद्र सरकार का कहना है कि फिल्म की रिलीज से पहले आवश्यक प्रमाणन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, इसलिए इसे हटाया गया।
स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज
फिल्म निर्देशक Honey Trehan ने भी खुलासा किया कि दिलजीत दोसांझ ने इस फिल्म को पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया और शुरुआत से ही इस विषय का समर्थन किया। वहीं फिल्म हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है।
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