
सतना/उचेहरा, 7 अक्टूबर 2026। जनपद पंचायत उचेहरा की ग्राम पंचायत देवगुना में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि योजना की सूची में कथित तौर पर ऐसे हितग्राहियों के नाम शामिल हैं, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। वहीं पात्र और जरूरतमंद गरीब परिवार योजना के लाभ से वंचित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने सूची के दोबारा सत्यापन और मौके पर भौतिक जांच कराने की मांग की है।
अपात्र हितग्राहियों के नाम जोड़ने का आरोप
ग्रामीणों की शिकायत में ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक पंकज पाण्डेय का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ ऐसे लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में शामिल किए गए हैं, जिनके मकान पहले से बने हुए हैं। शिकायत में ग्राम कलावल निवासी रामहेत लोधी के आवास का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि पुराने मकान में मरम्मत अथवा छपाई कराने के बाद आवास योजना की राशि निकाल ली गई। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास प्लस की सूची में भी ऐसे परिवारों के नाम शामिल होने की शिकायत है, जिनके पास पहले से पक्के मकान मौजूद हैं। दूसरी ओर, वास्तविक रूप से जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ का इंतजार कर रहे हैं।
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1 सितंबर को दी गई शिकायत, जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं के अनुसार उन्होंने 1 सितंबर 2026 को इस संबंध में आवेदन दिया था। आवेदन में प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची का दोबारा सत्यापन कराने, पात्र परिवारों को शामिल करने और अपात्र नामों को हटाने की मांग की गई। शिकायत में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कराने और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।
सतना में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी अनियमितताओं के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। वर्ष 2025 में जिले की एक अन्य ग्राम पंचायत में आवास योजना के लाभार्थियों की पात्रता और आवास निर्माण को लेकर जांच की खबर सामने आई थी।
जांच के आदेश, ग्रामीण बोले- टीम का इंतजार
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, सतना कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की ओर से जांच एवं पात्र गरीब परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी जनपद पंचायत उचेहरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपे जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि निर्देश के बावजूद अब तक जांच टीम ग्राम पंचायत देवगुना नहीं पहुंची है। इसी वजह से ग्रामीण अब मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कराने की मांग कर रहे हैं।
भौतिक सत्यापन से सामने आएगी वास्तविक स्थिति
ग्रामीणों का कहना है कि केवल दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी। प्रत्येक आवास का मौके पर निरीक्षण कर यह देखा जाना चाहिए कि संबंधित हितग्राही पात्र है या नहीं और उसके नाम पर वास्तव में आवास का निर्माण हुआ है या नहीं। अब ग्रामीणों की नजर जांच टीम के गांव पहुंचने और सत्यापन प्रक्रिया पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और योजना में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं।
फिलहाल संबंधित रोजगार सहायक और अन्य जिम्मेदार पक्षों का स्वतंत्र पक्ष उपलब्ध नहीं है। जांच के निष्कर्ष और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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