
शिवपुरी।कुलदीप शर्मा| शिवपुरी जिले में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों द्वारा निजी कोचिंग संचालित करने और छात्रों पर कोचिंग लेने का दबाव बनाने के आरोपों के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। क्षत्रिय फ्रीडम फाइटर ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के नीरज वर्मा द्वारा कलेक्टर को शिकायत सौंपे जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) आकाश सिंह यादव ने जिलेभर में सख्त निर्देश जारी किए हैं।
11 शिक्षकों के खिलाफ शिकायत
शिकायत में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और सीएम राइज स्कूलों में पदस्थ 11 शिक्षकों के नाम शामिल किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित शिक्षक सेवा नियमों के विपरीत निजी कोचिंग संचालित कर रहे हैं तथा छात्रों पर कोचिंग लेने का दबाव बनाते हैं।
कोचिंग नहीं लेने पर धमकाने के आरोप
शिकायतकर्ता नीरज वर्मा का आरोप है कि कुछ शिक्षक स्कूल में पूरा पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, जिससे छात्र निजी कोचिंग लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कोचिंग नहीं लेने या फीस जमा नहीं करने वाले छात्रों को प्रायोगिक परीक्षा में कम अंक देने और वार्षिक परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती है। शिकायतकर्ता ने जांच के लिए वीडियो सहित अन्य साक्ष्य होने का भी दावा किया है।
डीईओ ने दिए सख्त निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीईओ आकाश सिंह यादव ने सभी बीईओ, बीआरसीसी और संकुल प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत कोई भी शासकीय शिक्षक नियमों के विपरीत निजी ट्यूशन या अन्य व्यावसायिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
डीईओ ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई शिक्षक निजी कोचिंग या प्रतिबंधित व्यावसायिक गतिविधि में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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