
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: बैराड़ तहसील के ग्राम खेरपुरा में आदिवासी बस्ती के बीच संचालित शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब ठेके के कारण बस्ती का माहौल खराब हो रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।
शराब पीकर गाली-गलौच और विवाद का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि शराब ठेके पर आने वाले लोग शराब पीने के बाद गाली-गलौच और लड़ाई-झगड़ा करते हैं। इसका सीधा असर बस्ती के शांतिपूर्ण माहौल पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक शराबियों के कारण महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा असर
ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि बस्ती में शराब ठेका होने के कारण महिलाओं और बच्चों के सामने असहज स्थिति पैदा होती है। उनका कहना है कि शराब पीकर होने वाले विवादों से लोगों में भय का माहौल बना रहता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए बस्ती में शराब ठेके के संचालन की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
दूसरी जगह ठेका संचालित कराने की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि आदिवासी बस्ती से शराब ठेके को हटाकर किसी अन्य स्थान पर संचालित कराया जाए, ताकि बस्ती का माहौल सामान्य हो सके और विवाद की स्थिति पर रोक लगाई जा सके।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने और बस्ती से शराब ठेका हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ महिलाओं और बच्चों के लिए भी सुरक्षित माहौल तैयार हो सकेगा।
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