
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के सिधौली क्षेत्र में करीब 23 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले तालाब के आसपास बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि यहां करीब 27 हजार पेड़ों को काटकर क्षेत्र को पूरी तरह साफ कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है।
23 हेक्टेयर के तालाब के आसपास कटे हजारों पेड़
जानकारी के अनुसार, सिधौली क्षेत्र में स्थित करीब 23 हेक्टेयर के तालाब के आसपास लंबे समय से बड़ी संख्या में पेड़ मौजूद थे। अब यहां बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। एक साथ हजारों पेड़ों के काटे जाने की बात सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच शुरू कराई गई है।
मामले ने पर्यावरण संरक्षण और सरकारी जमीन पर मौजूद पेड़ों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई कैसे हुई और इसके लिए किस स्तर से अनुमति दी गई थी, यह जांच का अहम बिंदु माना जा रहा है।
प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। जांच के दौरान पेड़ों की संख्या, कटान की परिस्थितियों और संबंधित जमीन की स्थिति समेत कई बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेड़ों की कटाई के लिए कोई वैध अनुमति ली गई थी या फिर नियमों को दरकिनार कर यह पूरा काम किया गया।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
प्रशासनिक जांच में यदि पेड़ों की कटाई अवैध पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई के दौरान संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था क्या कर रही थी।
फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की तस्वीर साफ होगी और यह तय होगा कि पेड़ों की कटाई किसकी अनुमति या लापरवाही से हुई।
पर्यावरण को हुए नुकसान पर भी सवाल
एक साथ हजारों पेड़ों की कटाई से इलाके के पर्यावरण को हुए नुकसान को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। पेड़ काटे जाने से हरित क्षेत्र प्रभावित होने के साथ स्थानीय पारिस्थितिकी पर भी असर पड़ सकता है।
अब निगाह प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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