टीकमगढ़ में आपदा मित्रों ने सीखा संकट से निपटने का हुनर, सीपीआर से लेकर खोज-बचाव तक का प्रशिक्षण

टीकमगढ़, 24 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग और मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार टीकमगढ़ में चल रहे सात दिवसीय आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के तृतीय सत्र के छठवें दिन प्रतिभागियों को सीपीआर, खोज एवं बचाव तकनीक, शीतलहर से बचाव और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के तरीके बताए गए। जिला प्रशासन के अनुसार, आपदा प्रबंधन का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी राहत-बचाव सुनिश्चित करना है।

सीपीआर और शीतलहर से बचाव की जानकारी

प्रशिक्षण के पहले सत्र में प्लाटून कमांडर अमित दुबे ने प्रतिभागियों को सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसमें आपात स्थिति में किसी व्यक्ति को तत्काल प्राथमिक सहायता देने के तरीकों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही शीतलहर से बचाव और सावधानियों के बारे में भी बताया गया।

प्रतिभागियों को खोज एवं बचाव से जुड़ी तकनीकों की जानकारी देने के साथ सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी चर्चा की गई।

खोज और बचाव तकनीकों का कराया अभ्यास

भोजनावकाश के बाद कमांडेंट बीपी नामदेव ने प्रतिभागियों को खोज एवं बचाव का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान आपात स्थिति में भार उठाने, लीवर के अलग-अलग प्रकारों और सुरक्षित तरीके से बचाव अभियान चलाने की प्रक्रिया समझाई गई।

प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया। प्रतिभागियों से विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे मौके पर बेहतर तरीके से काम कर सकें।

आपदा के समय त्वरित सहायता देना मुख्य उद्देश्य

आपदा मित्र प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में तत्काल सहायता के लिए तैयार करना है। इसके तहत खोज एवं बचाव, प्राथमिक सहायता और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने जैसी क्षमताओं को मजबूत किया जाता है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों में क्षमता निर्माण और आपदा जोखिम कम करने पर जोर दिया जाता है।

राहत और बचाव के लिए तैयार हो रहे स्वयंसेवक

प्रशिक्षण के जरिए आपदा मित्रों को संकट के समय धैर्य, सावधानी और समन्वय के साथ काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है। किसी प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात स्थिति में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रशासन और राहत एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाने में उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।

टीकमगढ़ जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी आपदा प्रबंधन के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और आपातकालीन संसाधनों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

टीकमगढ़ में चल रहे आपदा मित्र प्रशिक्षण के जरिए स्वयंसेवकों को आपात परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है। सीपीआर, खोज-बचाव और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ा यह प्रशिक्षण संकट के समय त्वरित सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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