
टीकमगढ़। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में भू-स्वामित्व योजना के तहत ड्यूटी लगाए जाने को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने विरोध जताया है। संघ ने 28 अक्टूबर को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त रखने की मांग की। संघ का कहना है कि देर शाम तक गांवों में काम करने से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
पटवारियों के साथ ड्यूटी लगाने पर जताई आपत्ति
संघ के मुताबिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भू-स्वामित्व योजना के तहत पटवारियों के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पहले से ही विभागीय जिम्मेदारियों के अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े काम कर रही हैं। ऐसे में अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से काम का बोझ बढ़ रहा है।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार, कुछ कार्यकर्ताओं ने दो-तीन दिन योजना से संबंधित काम किया, जिसके दौरान उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। पोर्टल पर काम करने में आने वाली तकनीकी दिक्कतों का भी मुद्दा उठाया गया।
शाम 6 से रात 11 बजे तक काम को लेकर चिंता
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि पोर्टल पर काम शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक करने में सुविधा होने की बात सामने आई है। इसी अवधि में उन्हें अपने विभाग से जुड़े ऑनलाइन कार्य भी पूरे करने होते हैं। संघ ने कहा कि देर रात तक गांवों में जाकर काम करना महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय है।
संघ ने यह भी कहा कि लंबे समय तक घर से बाहर रहने से पारिवारिक जिम्मेदारियों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा मोबाइल फोन की तकनीकी क्षमता के कारण भी योजना का काम करने में परेशानी होने का दावा किया गया है।
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दूसरे विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की मांग
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि भू-स्वामित्व योजना के इस कार्य के लिए अन्य विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त रखा जाए।
संघ का कहना है कि महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और उनकी मौजूदा विभागीय जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को इस मामले पर उचित निर्णय लेना चाहिए।
अब प्रशासन के फैसले पर नजर
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने अपनी समस्याएं जिला प्रशासन के सामने रखी हैं। अब इस मांग पर प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर है। फिलहाल संघ ने भू-स्वामित्व योजना की ड्यूटी से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अलग रखने की मांग दोहराई है।
रिपोर्ट: जिला ब्यूरो हेड धर्मेंद्र सिंह लोधी








