
टीकमगढ़: जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम मलगुवां, थाना कुड़ीला निवासी 62 वर्षीय पुरुषोत्तम लोधी ने चार भैंसों के कथित चोरी होने के मामले में पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने और शिकायत के बाद उसे तथा उसके परिवार को परेशान किए जाने के आरोप लगाए हैं। फरियादी ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
13 जुलाई को घर नहीं लौटीं चार भैंसें
कलेक्टर को दिए आवेदन के अनुसार, पुरुषोत्तम लोधी ने बताया कि 13 जुलाई 2026 को उसकी चार भैंसें चरने के लिए छोड़ी गई थीं। शाम को भैंसें वापस घर नहीं लौटीं, जिसके बाद परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन उन्हें जानकारी मिली कि चारों भैंसें देवेन्द्र लोधी के घर के पास मिली हैं।
फरियादी का आरोप है कि जब उसने देवेन्द्र लोधी से अपनी भैंसें वापस करने के लिए कहा तो दो भैंसें लौटा दी गईं, जबकि दो भैंसें वापस नहीं की गईं। आवेदन में एक भैंस के पहले चोरी होने के बाद वापस मिलने और दूसरी भैंस को उसकी भैंस की पड़िया बताए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
गाली-गलौज और धमकी का भी आरोप
पुरुषोत्तम लोधी ने आवेदन में आरोप लगाया है कि भैंसों को लेकर विवाद के दौरान उसके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट की धमकी दी गई। उसके अनुसार, शोर सुनकर भगवानदास लोधी निवासी पिपरा तथा स्वामी लोधी और रामदास लोधी निवासी मलगुवां मौके पर पहुंचे थे। फरियादी के मुताबिक, घटना की जानकारी उसने 14 जुलाई को थाना कुड़ीला पुलिस को दी थी।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
आवेदन में पुरुषोत्तम लोधी ने आरोप लगाया कि थाने में शिकायत देने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई। फरियादी का आरोप है कि हेल्पलाइन पर शिकायत किए जाने की जानकारी मिलने के बाद कुछ पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। उसने शिकायत वापस लेने से इनकार किया तो कथित तौर पर उसे थाने ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
पुरुषोत्तम लोधी ने कलेक्टर से मांग की है कि चार भैंसों के कथित चोरी होने के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उसने पुलिसकर्मियों पर लगाए गए कथित प्रताड़ना और मारपीट के आरोपों की भी स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस और दूसरे पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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