
धर्मेंद्र सिंह लोधी| टीकमगढ़ जिले के ग्राम पंचायत डारगुवां और चौकी देवरदा क्षेत्र में रजक परिवार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने कुछ लोगों पर घर पहुंचकर लाठी-डंडों से मारपीट करने और जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाए हैं। मामले में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अब पीड़ित परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
घर पहुंचकर मारपीट करने का आरोप
पीड़ित परिवार के अनुसार, दीपक रजक, सुमित्रा रजक और सीमा रजक के घर पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर पहुंचकर विवाद किया। आरोप है कि इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई।
पीड़ित पक्ष ने हरिश्चंद्र रैकवार, रामदीन रैकवार, घनश्याम रैकवार और भगवान दास रैकवार सहित अन्य लोगों के नाम बताए हैं। हालांकि, घटना में किसकी क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
FIR में इन धाराओं का उल्लेख
उपलब्ध पुलिस दस्तावेज के अनुसार मामले में FIR क्रमांक 0431, दिनांक 11 अक्टूबर 2026 दर्ज की गई है। दस्तावेज में भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2), 351(2) और 3(5) का उल्लेख है।
पीड़ित पक्ष ने मारपीट के साथ जातिसूचक अपशब्दों के भी आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की कानूनी स्थिति और घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर तय होंगी।
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जांच और सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
FIR दर्ज होने के बाद अब पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि घटना से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों, वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच की जानी चाहिए।
साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि पीड़ित परिवार को किसी तरह के दबाव या धमकी की आशंका है तो उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। मामले में पुलिस की जांच की दिशा और कार्रवाई पर अब लोगों की नजर है।
SP से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद
पीड़ित परिवार ने टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। परिवार चाहता है कि जांच की प्रगति की समीक्षा की जाए और यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
किसी भी मारपीट या अपमान के मामले में कानून के मुताबिक जांच और कार्रवाई जरूरी है। इस मामले में भी अब FIR के बाद पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
डारगुवां-देवरदा क्षेत्र के इस मामले में FIR दर्ज हो चुकी है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई ही मामले की सही तस्वीर सामने ला सकती है।
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