
टीकमगढ़: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार खान को पद से बर्खास्त कर दिया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने के साथ ही आने वाले 5 सालों के लिए किसी भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पप्पू मलिक के खिलाफ प्राप्त शक्तियों की प्रारंभिक जांच में उन्हें प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाया गया था।
इसके बाद मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41-के के तहत 26 फरवरी 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नगर पालिका अध्यक्ष पद पर अब्दुल गफ्फार खान 10 अगस्त 2022 से पदस्थ थे। नोटिस जारी होने के बाद उन्होंने मामले को लेकर जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका क्रमांक WP No. 9177/2026 में उन्होंने जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने की मांग की थी।
ये भी पढ़े – टीकमगढ़: अतिक्रमण हटाने के बाद उमा भारती ने प्रशासन से की सख्त अपील
उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद विभाग द्वारा 18 मार्च 2026 को उन्हें जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई और जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को अब्दुल गफ्फार खान ने स्वयं उपस्थित होकर कारण बताओ नोटिस का लिखित जवाब विभाग के स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। विभाग ने उनके जवाब को रिकॉर्ड में लिया, लेकिन जांच में लगे आरोपों और प्रस्तुत स्पष्टीकरण से सिफारिशें नहीं होने पर शासन ने अंतिम निर्णय लेते हुए उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया।
आदेश के अनुसार उन्हें आगामी पांच वर्षों तक किसी भी निर्वाचन में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। इस निर्णय के बाद टीकमगढ़ नगर पालिका में अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया है। शासन की इस कार्रवाई को नगरीय निकायों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। निर्णय के बाद टीकमगढ़ नगर पालिका में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
ये भी पढ़े – टीकमगढ़: दुकानदारों का दर्द समझने ठेले पर पहुंचीं उमा भारती, खुद बेचा पोहा-जलेबी
- tikamgarh-municipality-president-5-year-election-disqualification










