
टीकमगढ़। जिले में खाद के अवैध भंडारण, खरीद-बिक्री और परिवहन के खिलाफ कृषि विभाग की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में टीकमगढ़-बुडेरा मुख्य मार्ग पर ग्राम नैनवारी के पास देर रात बिना नंबर की टैक्सी से एनएफएल कंपनी की 30 बोरी यूरिया खाद जब्त की गई। जांच के दौरान खाद के परिवहन के लिए प्रस्तुत किए गए बिल पर भी सवाल उठे। कृषि विभाग के अनुसार, संबंधित फर्म ने बिल जारी करने से इनकार किया, जिसके बाद उसे कथित रूप से कूटरचित मानते हुए कार्रवाई शुरू की गई।
देर रात वाहन की जांच में मिली 30 बोरी यूरिया
कृषि विभाग की टीम ने 23 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:05 बजे नैनवारी के पास वाहन को रोका। टीम ने चालक नीरज अहिरवार निवासी बुडेरा से खाद से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे। इस दौरान हस्तलिखित बिल प्रस्तुत किया गया, जिसमें मेसर्स नरेंद्र एंड संस, टीकमगढ़ के नाम पर 26 बोरी खाद का उल्लेख था।
कृषि विभाग ने जब संबंधित फर्म से बिल का सत्यापन कराया तो संचालक ने ऐसा कोई बिल जारी करने से इनकार किया। इसके बाद विभाग को बिल के फर्जी और कूटरचित होने की आशंका हुई। वाहन में 30 बोरी यूरिया मिलने के बाद खाद और वाहन को जब्त कर लिया गया।
पूछताछ में 10,500 रुपये में खाद खरीदने की बात
विभागीय पूछताछ में वाहन चालक ने कथित तौर पर बताया कि 30 बोरी यूरिया रवि तिवारी निवासी माडूमर के घर से खरीदी गई थी। इसके लिए 350 रुपये प्रति बोरी की दर से कुल 10,500 रुपये का भुगतान किए जाने की बात सामने आई है।
बताया गया कि खाद को नन्नी टेहरी ले जाया जा रहा था। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि खाद कहां से खरीदी गई थी और इसके भंडारण तथा बिक्री से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
चार लोगों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई
कृषि विभाग ने मामले में चार व्यक्तियों की भूमिका के आधार पर कार्रवाई प्रस्तावित की है। नीरज अहिरवार पर कथित अवैध परिवहन, रवि तिवारी पर अवैध भंडारण और बिक्री, दिलीप असाटी पर कथित बिक्री, परिवहन और बिल में सहयोग तथा नीलेश यादव पर कथित अवैध खरीद-परिवहन और कूटरचित बिल प्रस्तुत करने से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
विभाग ने चारों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 7 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराओं 3 एवं 7 के तहत थाना बुडेरा में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कार्रवाई भेजी है।
खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन की नजर
टीकमगढ़ में खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। 23 अक्टूबर को जिले में डीएपी की नई खेप पहुंचने की जानकारी भी सामने आई थी। ऐसे समय में अवैध भंडारण और परिवहन के मामलों पर कृषि विभाग की कार्रवाई को किसानों के हित से जोड़कर देखा जा रहा है।
जब्त 30 बोरी यूरिया और टैक्सी वाहन को थाना बुडेरा परिसर में सुरक्षित रखा गया है। अब पुलिस और विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित फर्जी बिल और खाद के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं।
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