
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में टूट की खबरों के बीच पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के बागी रुख अपनाने की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार इन सांसदों ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए लोकसभा स्पीकर को पत्र भी सौंप दिया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और शिवसेना (यूबीटी) के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बागी सांसदों का झुकाव मुख्यमंत्री Eknath Shinde के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट की ओर हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सांसदों द्वारा उठाए गए कदमों ने अटकलों को और बल दिया है। यदि यह राजनीतिक बदलाव औपचारिक रूप लेता है, तो लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट की स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाराजगी जाहिर की। राउत ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव तथा प्रलोभनों के जरिए पार्टी को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान उनके बयान और तीखी भाषा भी चर्चा का विषय बन गए, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्मा गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि सांसदों की यह नाराजगी औपचारिक बगावत में बदलती है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में शिवसेना में हुए विभाजन के बाद पार्टी लगातार संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि लोकसभा स्पीकर के समक्ष प्रस्तुत पत्र पर क्या निर्णय होता है और आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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