
उज्जैन, 2 अक्टूबर 2026: शाही मस्जिद से जुड़े विवाद के बाद उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। शुक्रवार की नमाज को देखते हुए मस्जिद और आसपास के संवेदनशील इलाकों में करीब 2500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में 5 एएसपी, 21 डीएसपी और 32 टीआई समेत अलग-अलग जिलों से आए पुलिस अधिकारी शामिल हैं। पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है। भड़काऊ और उपद्रव से जुड़े कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट व पेज ब्लॉक करवाए गए हैं।
शाही मस्जिद के आसपास पुलिस का सख्त पहरा
उज्जैन में शाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। छत्री चौक, लखेरवाड़ी, सराफा, कालिदास स्कूल, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, खड़े हनुमान और सत्ती गेट से कंठाल तक पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में उज्जैन के अलावा रतलाम, नीमच, इंदौर, देवास और शाजापुर से भी पुलिस अधिकारी और जवान बुलाए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 850 महिला पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। इसके अलावा आरएएफ और एसटीएफ की तीन कंपनियां भी तैनात हैं। शाही मस्जिद के आसपास करीब 500 मीटर के दायरे में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इन तकनीकी माध्यमों की मदद से उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
यह भी पढ़े: अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस 2 अक्टूबर: जानें इतिहास, महत्व और महात्मा गांधी से जुड़ा संबंध
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
28 सितंबर को शाही मस्जिद से जुड़े विवाद के दौरान हुए उपद्रव के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, भड़काऊ पोस्ट, वीडियो और उपद्रव से जुड़े कंटेंट प्रसारित करने वाले 100 से अधिक इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट व पेज ब्लॉक करवाए गए हैं। पुलिस पुराने और नए वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इसका उद्देश्य घटना से पहले, दौरान और बाद में आरोपितों के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाना है। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और इंटरनेट मीडिया की जांच के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
उज्जैन में प्रशासन का फोकस फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने पर है। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को साझा नहीं करने की अपील की है।
यह भी पढ़े: मुंबई के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा, 174 यात्रियों की जान बचाने के बाद उठी अशोक चक्र की मांग
- ujjain-shahi-masjid-security-update








