उमरिया जनसुनवाई में छात्राओं को कथित तौर पर डांटकर भगाने का आरोप, रोते हुए बाहर निकलने का वीडियो वायरल

उमरिया में जनसुनवाई के दौरान छात्रावास की छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। छात्राएं किताबें नहीं मिलने और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं की शिकायत लेकर पहुंची थीं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।

उमरिया, 29 सितंबर 2026। जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान छात्रावास की छात्राओं के साथ कथित तौर पर अधिकारी के दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, माता शबरी कन्या आदिवासी छात्रावास की छात्राएं पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं और अब तक किताबें नहीं मिलने की शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंची थीं। आरोप है कि इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने छात्राओं को डांटकर वहां से जाने के लिए कहा।

किताबें नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंची थीं छात्राएं

बताया गया है कि संबंधित छात्रावास में करीब 450 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। छात्राओं की शिकायत थी कि उन्हें अब तक जरूरी किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसी समस्या को लेकर वे जनसुनवाई में अपनी बात रखने पहुंची थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, जनसुनवाई के दौरान छात्राओं को कथित रूप से फटकार लगाई गई। इसी दौरान अधिकारी द्वारा छात्राओं से कथित तौर पर कहा गया कि “तुम लोग पढ़ाई के लिए नहीं, भगाने के लिए बने हो।” हालांकि, इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारी का पक्ष उपलब्ध नहीं है।

घटना के बाद छात्राएं कथित तौर पर रोते हुए जनसुनवाई स्थल से बाहर निकलीं। उनके आंसुओं से भरे चेहरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात कही जा रही है।

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वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई पर नजर

मामला सामने आने के बाद छात्राओं की शिकायत और जनसुनवाई में हुए कथित व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए समय पर किताबें और पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

उमरिया में इससे पहले भी छात्राओं की समस्याओं को लेकर विरोध की खबर सामने आई थी। 21 सितंबर को बिरसिंहपुर पाली स्थित कन्या शिक्षा परिसर की छात्राएं समस्याओं को लेकर मुख्य गेट पर बैठ गई थीं और कलेक्टर से मुलाकात की मांग की थी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों से बातचीत के बाद विरोध समाप्त हुआ था।

फिलहाल वायरल वीडियो और छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारी की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

उमरिया में छात्राओं की किताबों से जुड़ी शिकायत और जनसुनवाई के दौरान कथित व्यवहार का मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो के बाद अब प्रशासन की ओर से मामले की जांच और छात्राओं की समस्याओं के समाधान को लेकर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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Srota Swati Tripathy

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