
उमरिया, 6 अक्टूबर 2026। उमरिया जिले के गिठोरी गांव से पहुंचे आदिवासी ग्रामीणों ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीण बजरंग पावर इस्पात लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ कथित अभद्रता और अन्य आरोपों को लेकर FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा।
बैरिकेडिंग के सामने ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
मंगलवार को जनसुनवाई होने के कारण बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान गिठोरी गांव के आदिवासी ग्रामीण भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। पुलिस ने कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग कर रखी थी। इससे नाराज ग्रामीणों ने बैरिकेडिंग के सामने ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण करीब दो से ढाई घंटे तक मौके पर डटे रहे। इस दौरान उन्होंने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि कोल आवंटन से जुड़े मामले को लेकर कंपनी के अधिकारी गांव पहुंचे थे। इसी दौरान आदिवासी महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया।
इससे पहले भी गिठोरी गांव के ग्रामीण कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट के आरोप लगाते हुए पुलिस के पास शिकायत कर चुके हैं। एक महिला का मेडिकल परीक्षण यानी MLC भी कराए जाने की जानकारी सामने आई थी।
ग्रामीणों की मांग- पहले FIR, फिर हो जांच
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग आरोपित कंपनी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की रही। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत देने के बाद भी उनकी मांग के मुताबिक मामला दर्ज नहीं किया गया। उनका सवाल है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर हैं तो पुलिस की ओर से जल्द कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि वे अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं और कार्रवाई होने तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
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एसपी ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण एसपी को मौके पर बुलाकर अपनी बात रखने पर अड़े रहे। पुलिस अधीक्षक विजय भगवानी ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यदि कंपनी अधिकारियों की गलती सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जांच में किसी व्यक्ति के निर्दोष पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की बात भी कही गई।
करीब ढाई घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण एसपी कार्यालय के बाहर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को कार्यालय परिसर में प्रवेश करने से रोका। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।
जांच के बाद स्पष्ट होगी FIR की स्थिति
फिलहाल मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि ग्रामीणों की शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर FIR दर्ज करने के लिए पर्याप्त आधार बनता है या नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने जांच के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया है।
वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन कर सकते हैं। मामले में कंपनी की ओर से पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
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